अररिया जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति को सुचारू, पारदर्शी और प्रभावी बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय है। जिले में गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, जिससे उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। प्रशासन की सख्ती के चलते जिले की 9 गैस एजेंसियों पर छापेमारी की गई। इस दौरान अनियमितताओं की जांच की गई और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक पंचायत में पंचायत सरकार भवन और पंचायत भवनों में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। क्लस्टर बनाकर कंट्रोल रूम संचालित शहरी क्षेत्रों में नगर पंचायत और नगर परिषद के अंतर्गत तीन-तीन वार्डों का क्लस्टर बनाकर कंट्रोल रूम संचालित किए जा रहे हैं। इन कंट्रोल रूमों के माध्यम से गैस सिलेंडरों की उपलब्धता और वितरण को सुगम बनाया गया है। उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष नंबर 06453-222309 है। 17 मार्च से 9 मई 2026 तक इस कक्ष में कुल 525 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 506 शिकायतों का समाधान कर दिया गया है। शेष 19 लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित एजेंसियों के एरिया मैनेजर को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। आधार की अफवाहों पर ध्यान न दें जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की समस्या होने पर सीधे जिला नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें और बिना आधार की अफवाहों पर ध्यान न दें। अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, वैवाहिक कार्यक्रमों में उपयोग होने वाले वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति भी सुनिश्चित की गई है। जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि प्रशासन की पूरी टीम 24×7 अलर्ट मोड पर काम कर रही है। उन्होंने उपभोक्ताओं से बिना किसी झिझक के अपनी समस्याएं दर्ज कराने का आग्रह किया। प्रशासन का लक्ष्य पूरे जिले में पारदर्शी और प्रभावी गैस वितरण व्यवस्था कायम रखना है। अररिया जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति को सुचारू, पारदर्शी और प्रभावी बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय है। जिले में गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, जिससे उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। प्रशासन की सख्ती के चलते जिले की 9 गैस एजेंसियों पर छापेमारी की गई। इस दौरान अनियमितताओं की जांच की गई और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक पंचायत में पंचायत सरकार भवन और पंचायत भवनों में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। क्लस्टर बनाकर कंट्रोल रूम संचालित शहरी क्षेत्रों में नगर पंचायत और नगर परिषद के अंतर्गत तीन-तीन वार्डों का क्लस्टर बनाकर कंट्रोल रूम संचालित किए जा रहे हैं। इन कंट्रोल रूमों के माध्यम से गैस सिलेंडरों की उपलब्धता और वितरण को सुगम बनाया गया है। उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष नंबर 06453-222309 है। 17 मार्च से 9 मई 2026 तक इस कक्ष में कुल 525 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 506 शिकायतों का समाधान कर दिया गया है। शेष 19 लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित एजेंसियों के एरिया मैनेजर को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। आधार की अफवाहों पर ध्यान न दें जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की समस्या होने पर सीधे जिला नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें और बिना आधार की अफवाहों पर ध्यान न दें। अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, वैवाहिक कार्यक्रमों में उपयोग होने वाले वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति भी सुनिश्चित की गई है। जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि प्रशासन की पूरी टीम 24×7 अलर्ट मोड पर काम कर रही है। उन्होंने उपभोक्ताओं से बिना किसी झिझक के अपनी समस्याएं दर्ज कराने का आग्रह किया। प्रशासन का लक्ष्य पूरे जिले में पारदर्शी और प्रभावी गैस वितरण व्यवस्था कायम रखना है।


