बाहुबली विधायक अनंत सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उन्हें एक कार्यक्रम के दौरान डांस का आनंद लेते हुए देखा जा सकता है। वहीं, उनके समर्थक खुलेआम हथियार लहराते हुए और नोटों की बारिश करते हुए नजर आ रहे हैं।
बिहार के गोपालगंज जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह के समर्थकों ने उनके स्वागतमें खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि यह पूरी घटना मीरगंज पुलिस थाने के सेमराव गांव में हुई, जहां अनंत सिंह एक उपनयन संस्कार (जनेऊ संस्कार) में शामिल होने पहुंचे थे। इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान, न केवल खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन किया गया, बल्कि डांसरों पर जमकर नोट भी बरसाए गए।
अनंत सिंह के सामने डांसरों पर उड़ाये गए नोट
इस कार्यक्रम के दौरान मनोरंजन के लिए महिला नर्तकियों को आमंत्रित किया गया था। जैसे ही डीजे सिस्टम पर गाना बजना शुरू हुआ वहां मौजूद समर्थक बेकाबू हो गए और नाचने-झूमने लगे। इसी जोश और उन्माद के बीच कुछ लोग उत्साह में आकर खुलेआम पिस्तौल और अन्य हथियार लहराने लगे। इस घटना के वायरल हो रहे वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि अनंत सिंह के सामने ही डांसर पर नोट उड़ाए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर छिड़ा विवाद
इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद इंटरनेट पर तीखी बहस छिड़ गई है। सोशल मीडिया यूजर्स बिहार के सुशासन और कानून की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं। विवेकानंद यादव नामक एक यूजर ने वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले में मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने लिखा कि यदि यही काम किसी यादव नेता ने किया होता, तो अब तक घर-घर छापेमारी और ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां शुरू हो चुकी होतीं। यूजर ने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि कानून एक वर्ग के लिए एनकाउंटर और दूसरे के लिए एंटरटेनमेंट जैसा व्यवहार कर रहा है।
नृत्य परंपरा की अभिव्यक्ति
वायरल वीडियो पर लोग अलग-अलग नजरिए से अपनी राय रख रहे हैं। जहां कुछ यूजर्स इसे अपराधियों को खुली छूट देना मान रहे हैं, वहीं संजय कुमार सिंह जैसे कुछ लोग इसे बिहार की संस्कृति और कला का सम्मान बता रहे हैं। संजय कुमार सिंह ने लिखा कि बिहार की मिट्टी में नृत्य सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि परंपरा की अभिव्यक्ति है और अनंत सिंह के सामने नृत्यांगना ने अपनी कला का बेहतरीन जलवा बिखेरा। वहीं, चंदन सिंह यादव ने इसे जनता के पैसे की बर्बादी और चुनावी हथकंडा करार दिया।
हथियार लहराने वालों की हो रही पहचान
वीडियो के सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद गोपालगंज पुलिस हरकत में आई है। पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। मीरगंज थाना पुलिस फिलहाल वीडियो के आधार पर उन लोगों की पहचान करने में जुटी है जिन्होंने खुलेआम हथियार लहराए थे। प्रशासन का कहना है कि हथियारों के प्रदर्शन के मामले में दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


