गयाजी में एक महिला सिपाही के प्रेम प्रसंग में दो अलग-अलग थानों के ड्राइवर के बीच हुई गोलीबारी मामले में कार्रवाई तेज हो गई है। महिला सिपाही स्नेहा और सरकारी ड्राइवर गौतम कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। शुरुआती जांच में विभागीय अनुशासनहीनता की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि पहले स्नेहा की पोस्टिंग परैया थाना में थी। उसी दौरान प्राइवेट ड्राइवर नीरज कुमार से उसकी दोस्ती हुई। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और मामला प्रेम संबंध तक पहुंच गया। करीब डेढ़ साल पहले स्नेहा का तबादला कोतवाली थाना हो गया, लेकिन नीरज से बातचीत जारी रहा। इसी बीच कोतवाली में सरकारी ड्राइवर गौतम की एंट्री हुई। वो भी उसके करीब आ गया। जिसके बाद स्नेहा ने नीरज से दूरी बनानी शुरू कर दी। यहीं से विवाद की जड़ तैयार हुई। दूरी बनाने पर बढ़ी नाराजगी सूत्र बताते हैं कि दोनों के बीच शादी की बात अंतिम चरण में पहुंच चुकी थी। दोनों के परिवार रिश्ते को कबूल करने को राजी भी हो गए थे। नीरज को जब स्नेहा के रिश्ते की जानकारी हुई तो उसने गौतम को दूरी बनाने की चेतावनी दी थी। इसके बाद दोनों के बीच तनाव लगातार बढ़ता गया। रास्ते में रोककर मारी गोली शनिवार की रात गौतम, शहर के कोयरीबारी स्थित स्नेहा के किराए के कमरे पर पहुंचा था। इसकी भनक नीरज को लग गई। वह परैया से रात में ही शहर पहुंचा। सुबह करीब तीन बजे सड़क पर घात लगाकर बैठ गया। जैसे ही गौतम बाइक से वहां से निकला। उसने उसे रोक लिया और सीने में गोली मार दी। बुलेट सीने के आर-पार हुई गोली लगने के बाद भी गौतम जख्मी हालत में खुद बाइक चलाकर कोतवाली पहुंच गया। उसे खून से लथपथ देख पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। आनन-फानन में पहले जयप्रकाश अस्पताल और फिर मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। राहत की बात रही कि गोली सीने को पार कर गई थी। अगर गोली अंदर फंस जाती तो जान पर भारी खतरा हो सकता था। अनुशासन पर गंभीर सवाल घटना के बाद पुलिस ने आरोपी नीरज कुमार को परैया स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। गोली मारने के बाद घर जाकर सो गया था। उसे उम्मीद थी कि गौतम की मौत हो गई है। अब पूरे मामले में प्रेम संबंध, विभागीय मर्यादा और पुलिस अनुशासन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जिला पुलिस इस मामले को सिर्फ गोलीकांड नहीं, बल्कि वर्दी की गरिमा से जुड़ा मामला मानकर कार्रवाई में जुटी है। गयाजी में एक महिला सिपाही के प्रेम प्रसंग में दो अलग-अलग थानों के ड्राइवर के बीच हुई गोलीबारी मामले में कार्रवाई तेज हो गई है। महिला सिपाही स्नेहा और सरकारी ड्राइवर गौतम कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। शुरुआती जांच में विभागीय अनुशासनहीनता की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि पहले स्नेहा की पोस्टिंग परैया थाना में थी। उसी दौरान प्राइवेट ड्राइवर नीरज कुमार से उसकी दोस्ती हुई। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और मामला प्रेम संबंध तक पहुंच गया। करीब डेढ़ साल पहले स्नेहा का तबादला कोतवाली थाना हो गया, लेकिन नीरज से बातचीत जारी रहा। इसी बीच कोतवाली में सरकारी ड्राइवर गौतम की एंट्री हुई। वो भी उसके करीब आ गया। जिसके बाद स्नेहा ने नीरज से दूरी बनानी शुरू कर दी। यहीं से विवाद की जड़ तैयार हुई। दूरी बनाने पर बढ़ी नाराजगी सूत्र बताते हैं कि दोनों के बीच शादी की बात अंतिम चरण में पहुंच चुकी थी। दोनों के परिवार रिश्ते को कबूल करने को राजी भी हो गए थे। नीरज को जब स्नेहा के रिश्ते की जानकारी हुई तो उसने गौतम को दूरी बनाने की चेतावनी दी थी। इसके बाद दोनों के बीच तनाव लगातार बढ़ता गया। रास्ते में रोककर मारी गोली शनिवार की रात गौतम, शहर के कोयरीबारी स्थित स्नेहा के किराए के कमरे पर पहुंचा था। इसकी भनक नीरज को लग गई। वह परैया से रात में ही शहर पहुंचा। सुबह करीब तीन बजे सड़क पर घात लगाकर बैठ गया। जैसे ही गौतम बाइक से वहां से निकला। उसने उसे रोक लिया और सीने में गोली मार दी। बुलेट सीने के आर-पार हुई गोली लगने के बाद भी गौतम जख्मी हालत में खुद बाइक चलाकर कोतवाली पहुंच गया। उसे खून से लथपथ देख पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। आनन-फानन में पहले जयप्रकाश अस्पताल और फिर मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। राहत की बात रही कि गोली सीने को पार कर गई थी। अगर गोली अंदर फंस जाती तो जान पर भारी खतरा हो सकता था। अनुशासन पर गंभीर सवाल घटना के बाद पुलिस ने आरोपी नीरज कुमार को परैया स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। गोली मारने के बाद घर जाकर सो गया था। उसे उम्मीद थी कि गौतम की मौत हो गई है। अब पूरे मामले में प्रेम संबंध, विभागीय मर्यादा और पुलिस अनुशासन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जिला पुलिस इस मामले को सिर्फ गोलीकांड नहीं, बल्कि वर्दी की गरिमा से जुड़ा मामला मानकर कार्रवाई में जुटी है।


