नालंदा पुलिस ने मेडिकल एंट्रेस NEET-UG एग्जाम में फर्जी तरीके से स्कॉलर बैठाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के सरगना और मेडिकल स्टूडेंट् सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से करीब 2.95 लाख कैश, दो लग्जरी गाड़ियां और मोबाइल बरामद किए गए हैं। आरोपियों की पहचान अवधेश कुमार (31), अमन कुमार सिंह (23) और पंकज कुमार साह (25) के तौर पर हुई है। मुख्य आरोपी अवधेश कुमार मुजफ्फरपुर का रहने वाला है। विम्स(VIMS) कॉलेज में एमबीबीएस सेकंड ईयर का स्टूडेंट है। अवधेश के मोबाइल से नीट, एईओ (AEO) और बीएसएनएल (BSNL) परीक्षाओं के एडमिट कार्ड, परीक्षा से संबंधित संदिग्ध चैट और पैसों के लेनदेन के डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी पुलिस की पूछताछ में अवधेश ने स्वीकार किया कि वह अपने दोस्त उज्जवल उर्फ राजा बाबू के साथ मिलकर नीट परीक्षा में मूल अभ्यर्थी की जगह स्कॉलर बैठाने का अवैध धंधा चलाता है। इस पूरे मामले को लेकर पावापुरी थाना में कांड दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और फरार साथियों की तलाश में जुटी है। डैश बोर्ड के नीचे कैश छिपाकर रखा था राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने नीट एग्जाम को लेकर पुलिस टीम अलर्ट मोड पर थी। 2 मई देर रात एक टीम पावापुरी इलाके में नियमित वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक काले रंग की स्कॉर्पियो और एक ब्रेजा कार पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया, जिसे मुस्तैद बल ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। गाड़ियों की तलाशी लेने पर स्कॉर्पियो के डैश बोर्ड के नीचे छिपाकर रखे गए 2,95,000 रुपए नकद बरामद हुए। बिहार से 1.60 लाख स्टूडेंट्स बिहार के 35 जिलों में नीट एग्जाम को लेकर 150 से अधिक केंद्र बनाए गए थे। जहां रविवार को करीब 1.60 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए। कड़ी चेकिंग के बाद ही स्टूडेंट्स को अंदर जाने दिया गया। मुजफ्फरपुर में छात्राओं की नोज पिन उतरवाई गई है। वहीं छात्रों की मेटल डिटेक्टर से जांच की गई है। जूतों के बिना एंट्री दी गई। पानी की बोतल में लगे रैपर हटाकर अंदर ले जाने की अनुमति मिली। सेंटर के पास से अभिभावकों को हटाया दिया गया था। नालंदा पुलिस ने मेडिकल एंट्रेस NEET-UG एग्जाम में फर्जी तरीके से स्कॉलर बैठाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के सरगना और मेडिकल स्टूडेंट् सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से करीब 2.95 लाख कैश, दो लग्जरी गाड़ियां और मोबाइल बरामद किए गए हैं। आरोपियों की पहचान अवधेश कुमार (31), अमन कुमार सिंह (23) और पंकज कुमार साह (25) के तौर पर हुई है। मुख्य आरोपी अवधेश कुमार मुजफ्फरपुर का रहने वाला है। विम्स(VIMS) कॉलेज में एमबीबीएस सेकंड ईयर का स्टूडेंट है। अवधेश के मोबाइल से नीट, एईओ (AEO) और बीएसएनएल (BSNL) परीक्षाओं के एडमिट कार्ड, परीक्षा से संबंधित संदिग्ध चैट और पैसों के लेनदेन के डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी पुलिस की पूछताछ में अवधेश ने स्वीकार किया कि वह अपने दोस्त उज्जवल उर्फ राजा बाबू के साथ मिलकर नीट परीक्षा में मूल अभ्यर्थी की जगह स्कॉलर बैठाने का अवैध धंधा चलाता है। इस पूरे मामले को लेकर पावापुरी थाना में कांड दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य नेटवर्क और फरार साथियों की तलाश में जुटी है। डैश बोर्ड के नीचे कैश छिपाकर रखा था राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने नीट एग्जाम को लेकर पुलिस टीम अलर्ट मोड पर थी। 2 मई देर रात एक टीम पावापुरी इलाके में नियमित वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक काले रंग की स्कॉर्पियो और एक ब्रेजा कार पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया, जिसे मुस्तैद बल ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। गाड़ियों की तलाशी लेने पर स्कॉर्पियो के डैश बोर्ड के नीचे छिपाकर रखे गए 2,95,000 रुपए नकद बरामद हुए। बिहार से 1.60 लाख स्टूडेंट्स बिहार के 35 जिलों में नीट एग्जाम को लेकर 150 से अधिक केंद्र बनाए गए थे। जहां रविवार को करीब 1.60 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए। कड़ी चेकिंग के बाद ही स्टूडेंट्स को अंदर जाने दिया गया। मुजफ्फरपुर में छात्राओं की नोज पिन उतरवाई गई है। वहीं छात्रों की मेटल डिटेक्टर से जांच की गई है। जूतों के बिना एंट्री दी गई। पानी की बोतल में लगे रैपर हटाकर अंदर ले जाने की अनुमति मिली। सेंटर के पास से अभिभावकों को हटाया दिया गया था।


