किशनगंज नगर परिषद क्षेत्र में जर्जर टाउन हॉल परिसर में लाखों रुपए की लागत से नए गेट का निर्माण कराया जा रहा है। इस निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि जब टाउन हॉल पहले से ही बदहाल स्थिति में है। इसे स्थानांतरित करने की चर्चा पहले से होती रही है, तो फिर गेट निर्माण पर इतनी बड़ी राशि खर्च करने की क्या आवश्यकता है। टाउन हॉल भवन लंबे समय से जर्जर हालत में है और इसका उपयोग भी सीमित हो गया है। इसके बावजूद नगर परिषद ने मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण कार्य शुरू करा दिया है। भवन की स्थिति पर लोना चाहिए निर्णय स्थानीय नागरिकों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और लागत पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि नगर परिषद को पहले भवन की स्थिति पर निर्णय लेना चाहिए था, उसके बाद ही किसी प्रकार का निर्माण कार्य कराया जाना चाहिए। जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई इस मामले को लेकर जिला पदाधिकारी विशाल राज ने बताया कि टाउन हॉल गेट निर्माण का प्रकरण उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और यह देखा जाएगा कि किस परिस्थिति में निर्माण कार्य शुरू किया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह उल्लेखनीय है कि पूर्व में प्रशासनिक स्तर पर टाउन हॉल को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की बात सामने आई थी। ऐसे में, जर्जर भवन में नए गेट के निर्माण से नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का मानना है कि यदि भवन को स्थानांतरित किया जाना है, तो वर्तमान परिसर में लाखों रुपए खर्च करना सरकारी राशि की बर्बादी साबित हो सकता है। किशनगंज नगर परिषद क्षेत्र में जर्जर टाउन हॉल परिसर में लाखों रुपए की लागत से नए गेट का निर्माण कराया जा रहा है। इस निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि जब टाउन हॉल पहले से ही बदहाल स्थिति में है। इसे स्थानांतरित करने की चर्चा पहले से होती रही है, तो फिर गेट निर्माण पर इतनी बड़ी राशि खर्च करने की क्या आवश्यकता है। टाउन हॉल भवन लंबे समय से जर्जर हालत में है और इसका उपयोग भी सीमित हो गया है। इसके बावजूद नगर परिषद ने मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण कार्य शुरू करा दिया है। भवन की स्थिति पर लोना चाहिए निर्णय स्थानीय नागरिकों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और लागत पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि नगर परिषद को पहले भवन की स्थिति पर निर्णय लेना चाहिए था, उसके बाद ही किसी प्रकार का निर्माण कार्य कराया जाना चाहिए। जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई इस मामले को लेकर जिला पदाधिकारी विशाल राज ने बताया कि टाउन हॉल गेट निर्माण का प्रकरण उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और यह देखा जाएगा कि किस परिस्थिति में निर्माण कार्य शुरू किया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह उल्लेखनीय है कि पूर्व में प्रशासनिक स्तर पर टाउन हॉल को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की बात सामने आई थी। ऐसे में, जर्जर भवन में नए गेट के निर्माण से नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का मानना है कि यदि भवन को स्थानांतरित किया जाना है, तो वर्तमान परिसर में लाखों रुपए खर्च करना सरकारी राशि की बर्बादी साबित हो सकता है।


