औरंगाबाद पुलिस ने आम जनता और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए एक नई पहल शुरू की है। मगध रेंज के पुलिस महानिरीक्षक के निर्देशानुसार अब जिले के सभी थाना क्षेत्रों में प्रत्येक माह के प्रथम शनिवार को लोक संवाद गोष्ठी आयोजित की जाएगी। यह कार्यक्रम शाम 4 बजे से 6 बजे तक निर्धारित स्थानों पर होगा, जहां आम लोग सीधे पुलिस पदाधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव रख सकेंगे। आज(6 जून 2026) शनिवार को सभी थाना क्षेत्र में निर्धारित जगहों पर लोक संवाद गोष्ठी का आयोजन किया जाना है। पुलिस की ओर से जारी सूचना के अनुसार नगर थाना क्षेत्र में सिंचाई कॉलोनी, दानी बिगहा और मुफस्सिल थाना क्षेत्र में रावल बिगहा को संवाद स्थल बनाया गया है। वहीं, सिमरा के बैरांव, रिसियप के सुंदरगंज, बारुण के सिरिस हाई स्कूल का खेल मैदान, मध्य विद्यालय जम्होर और फेसर थाना क्षेत्र में पंचायत भवन करसोव में गोष्ठी आयोजित होगी। नवीनगर थाना क्षेत्र के लिए अनुग्रह नारायण स्टेडियम और एनटीपीसी खैरा थाना क्षेत्र के लिए खैरा को निर्धारित किया गया है। पुलिस का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य जनता और पुलिस के बीच विश्वास बढ़ाना और स्थानीय स्तर की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में तय किए गए संवाद स्थल लोक संवाद गोष्ठी के लिए जिले के अन्य थाना क्षेत्रों में भी अलग-अलग सार्वजनिक स्थलों का चयन किया गया है। नारारीकला खुर्द थाना क्षेत्र में मेंह चौक, टंडवा थाना क्षेत्र में रामनगर, बड़ेम थाना क्षेत्र में बड़ेम तथा माली थाना क्षेत्र में बैरिया बाजार को आयोजन स्थल बनाया गया है। इसी प्रकार कुटुंबा थाना क्षेत्र में कुटुंबा पश्चिम बाजार, अंबा थाना क्षेत्र में सतबहिनी मंदिर परिसर, मदनपुर थाना क्षेत्र में शिवनाथ बिगहा और देव थाना क्षेत्र में सूर्य कुंड तालाब परिसर में कार्यक्रम होगा। सलैया थाना क्षेत्र के लिए उच्च विद्यालय सलैया, ढिबरा थाना क्षेत्र के लिए बालूगंज बाजार दुर्गास्थान और रफीगंज थाना क्षेत्र के लिए आरबीआर हाई स्कूल के बगल का स्थान निर्धारित किया गया है। इसके अलावा पौथू थाना क्षेत्र में पंचायत सरकार भवन पौथू, कासमा थाना क्षेत्र में उच्च विद्यालय अरथुआ, उपहारा थाना क्षेत्र में मध्य एवं उच्च विद्यालय डड़वां और गोह थाना क्षेत्र में पुंदौल में पुलिस-पब्लिक संवाद आयोजित किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इन बैठकों में स्थानीय नागरिकों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। अपराध नियंत्रण, सामुदायिक पुलिसिंग और जनसुझाव पर रहेगा फोकस जिले के शेष थाना क्षेत्रों में बंदेया थाना के लिए बक्सर, दाउदनगर थाना के लिए नगर परिषद परिसर, ओबरा बाजार छठ घाट, देवकुंड थाना के लिए राजकीय मध्य विद्यालय देवकुंड, हसपुरा थाना के लिए अमझर शरीफ और खुदवां थाना क्षेत्र के लिए खुदवां बाजार को गोष्ठी स्थल बनाया गया है। पुलिस विभाग के अनुसार इन बैठकों में स्थानीय समस्याओं का समाधान, सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करना, ग्राम-अपराध की रोकथाम और जनता से सुझाव प्राप्त करना प्रमुख विषय होंगे। भूमि विवाद, सामाजिक तनाव, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, नशाखोरी, यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी खुलकर चर्चा की जाएगी। औरंगाबाद पुलिस ने आम जनता, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और महिलाओं से निर्धारित स्थलों पर पहुंचकर इस पहल का हिस्सा बनने की अपील की है। पुलिस का मानना है कि जनता के सहयोग और सुझाव से अपराध नियंत्रण को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। पुलिस और समाज के बीच विश्वास का रिश्ता और मजबूत होगा। यह पहल सामुदायिक पुलिसिंग को नई दिशा देने के साथ-साथ स्थानीय समस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच भी साबित हो सकती है। औरंगाबाद पुलिस ने आम जनता और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए एक नई पहल शुरू की है। मगध रेंज के पुलिस महानिरीक्षक के निर्देशानुसार अब जिले के सभी थाना क्षेत्रों में प्रत्येक माह के प्रथम शनिवार को लोक संवाद गोष्ठी आयोजित की जाएगी। यह कार्यक्रम शाम 4 बजे से 6 बजे तक निर्धारित स्थानों पर होगा, जहां आम लोग सीधे पुलिस पदाधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव रख सकेंगे। आज(6 जून 2026) शनिवार को सभी थाना क्षेत्र में निर्धारित जगहों पर लोक संवाद गोष्ठी का आयोजन किया जाना है। पुलिस की ओर से जारी सूचना के अनुसार नगर थाना क्षेत्र में सिंचाई कॉलोनी, दानी बिगहा और मुफस्सिल थाना क्षेत्र में रावल बिगहा को संवाद स्थल बनाया गया है। वहीं, सिमरा के बैरांव, रिसियप के सुंदरगंज, बारुण के सिरिस हाई स्कूल का खेल मैदान, मध्य विद्यालय जम्होर और फेसर थाना क्षेत्र में पंचायत भवन करसोव में गोष्ठी आयोजित होगी। नवीनगर थाना क्षेत्र के लिए अनुग्रह नारायण स्टेडियम और एनटीपीसी खैरा थाना क्षेत्र के लिए खैरा को निर्धारित किया गया है। पुलिस का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य जनता और पुलिस के बीच विश्वास बढ़ाना और स्थानीय स्तर की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में तय किए गए संवाद स्थल लोक संवाद गोष्ठी के लिए जिले के अन्य थाना क्षेत्रों में भी अलग-अलग सार्वजनिक स्थलों का चयन किया गया है। नारारीकला खुर्द थाना क्षेत्र में मेंह चौक, टंडवा थाना क्षेत्र में रामनगर, बड़ेम थाना क्षेत्र में बड़ेम तथा माली थाना क्षेत्र में बैरिया बाजार को आयोजन स्थल बनाया गया है। इसी प्रकार कुटुंबा थाना क्षेत्र में कुटुंबा पश्चिम बाजार, अंबा थाना क्षेत्र में सतबहिनी मंदिर परिसर, मदनपुर थाना क्षेत्र में शिवनाथ बिगहा और देव थाना क्षेत्र में सूर्य कुंड तालाब परिसर में कार्यक्रम होगा। सलैया थाना क्षेत्र के लिए उच्च विद्यालय सलैया, ढिबरा थाना क्षेत्र के लिए बालूगंज बाजार दुर्गास्थान और रफीगंज थाना क्षेत्र के लिए आरबीआर हाई स्कूल के बगल का स्थान निर्धारित किया गया है। इसके अलावा पौथू थाना क्षेत्र में पंचायत सरकार भवन पौथू, कासमा थाना क्षेत्र में उच्च विद्यालय अरथुआ, उपहारा थाना क्षेत्र में मध्य एवं उच्च विद्यालय डड़वां और गोह थाना क्षेत्र में पुंदौल में पुलिस-पब्लिक संवाद आयोजित किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इन बैठकों में स्थानीय नागरिकों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। अपराध नियंत्रण, सामुदायिक पुलिसिंग और जनसुझाव पर रहेगा फोकस जिले के शेष थाना क्षेत्रों में बंदेया थाना के लिए बक्सर, दाउदनगर थाना के लिए नगर परिषद परिसर, ओबरा बाजार छठ घाट, देवकुंड थाना के लिए राजकीय मध्य विद्यालय देवकुंड, हसपुरा थाना के लिए अमझर शरीफ और खुदवां थाना क्षेत्र के लिए खुदवां बाजार को गोष्ठी स्थल बनाया गया है। पुलिस विभाग के अनुसार इन बैठकों में स्थानीय समस्याओं का समाधान, सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करना, ग्राम-अपराध की रोकथाम और जनता से सुझाव प्राप्त करना प्रमुख विषय होंगे। भूमि विवाद, सामाजिक तनाव, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, नशाखोरी, यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी खुलकर चर्चा की जाएगी। औरंगाबाद पुलिस ने आम जनता, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और महिलाओं से निर्धारित स्थलों पर पहुंचकर इस पहल का हिस्सा बनने की अपील की है। पुलिस का मानना है कि जनता के सहयोग और सुझाव से अपराध नियंत्रण को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। पुलिस और समाज के बीच विश्वास का रिश्ता और मजबूत होगा। यह पहल सामुदायिक पुलिसिंग को नई दिशा देने के साथ-साथ स्थानीय समस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच भी साबित हो सकती है।


