कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपना पहला प्रदर्शन करेगी। यह प्रदर्शन NEET-UG पेपर लीक और CBSE, CUET SSC-GD जैसी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ है। इसके समर्थन में पटना में भी प्रदर्शन किया जाएगा। इसी आह्वान को आगे बढ़ाते हुए ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) पटना यूनिवर्सिटी इकाई द्वारा आज कारगिल चौक पर शाम 5 बजे एकजुटता प्रदर्शन किया जाएगा। मोदी सरकार की भ्रष्ट और विफल शिक्षा व्यवस्था AISA की ओर से कहा गया कि मोदी सरकार की भ्रष्ट और विफल शिक्षा व्यवस्था के कारण देश के लगभग 50 से 60 लाख छात्रों को पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और प्रशासनिक अव्यवस्था का सामना करना पड़ा है। हाल के वर्षों में हुई परीक्षाओं में भारी अनियमितताओं ने छात्रों के भविष्य को गंभीर संकट में डाल दिया है। NEET पेपर लीक से लगभग 22 लाख अभ्यर्थी प्रभावित हुए, CBSE बोर्ड की अव्यवस्थाओं से 17 लाख से अधिक छात्र प्रभावित हुए। CUET-UG की गड़बड़ियों से लगभग 16 लाख अभ्यर्थियों को परेशानी झेलनी पड़ी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग इन घटनाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय छात्रों के भविष्य की सुरक्षा करने में पूरी तरह विफल रहे हैं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस विफलता की जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। आज के इस प्रदर्शन के माध्यम से छात्र-युवा शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार, पेपर लीक और लगातार बढ़ती अव्यवस्थाओं के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करेंगे। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपना पहला प्रदर्शन करेगी। यह प्रदर्शन NEET-UG पेपर लीक और CBSE, CUET SSC-GD जैसी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ है। इसके समर्थन में पटना में भी प्रदर्शन किया जाएगा। इसी आह्वान को आगे बढ़ाते हुए ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) पटना यूनिवर्सिटी इकाई द्वारा आज कारगिल चौक पर शाम 5 बजे एकजुटता प्रदर्शन किया जाएगा। मोदी सरकार की भ्रष्ट और विफल शिक्षा व्यवस्था AISA की ओर से कहा गया कि मोदी सरकार की भ्रष्ट और विफल शिक्षा व्यवस्था के कारण देश के लगभग 50 से 60 लाख छात्रों को पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और प्रशासनिक अव्यवस्था का सामना करना पड़ा है। हाल के वर्षों में हुई परीक्षाओं में भारी अनियमितताओं ने छात्रों के भविष्य को गंभीर संकट में डाल दिया है। NEET पेपर लीक से लगभग 22 लाख अभ्यर्थी प्रभावित हुए, CBSE बोर्ड की अव्यवस्थाओं से 17 लाख से अधिक छात्र प्रभावित हुए। CUET-UG की गड़बड़ियों से लगभग 16 लाख अभ्यर्थियों को परेशानी झेलनी पड़ी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग इन घटनाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय छात्रों के भविष्य की सुरक्षा करने में पूरी तरह विफल रहे हैं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस विफलता की जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। आज के इस प्रदर्शन के माध्यम से छात्र-युवा शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार, पेपर लीक और लगातार बढ़ती अव्यवस्थाओं के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करेंगे।


