गोरखपुर में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना NAKSHA (नेशनल जियोस्पेशियल नॉलेज बेस्ड लैंड सर्वे ऑफ अर्बन हैबिटेशन) को लेकर बड़ी तैयारी शुरू हो गई है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश भूस्थानिक निदेशालय और सर्वे ऑफ इंडिया के निदेशक डी एन पाठक ने गोरखपुर नगर निगम के अर्बन फैसिलिटेशन सेंटर सभागार में परियोजना की समीक्षा बैठक की। बैठक में नगर आयुक्त अजय जैन, गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल, अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार, अपर नगर आयुक्त सीमा पांडे, अधिशासी अभियंता अशोक भाटी, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी राकेश सोनकर समेत नगर निगम और फील्ड सर्वे से जुड़ी टीमें मौजूद रहीं। बैठक में बताया गया कि यह परियोजना डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत उत्तर प्रदेश में राजस्व परिषद के निर्देशन में चलाई जा रही है। इसमें सर्वे ऑफ इंडिया तकनीकी सहयोगी संस्था के रूप में काम कर रहा है। गोरखपुर शहर के 61 वार्डों में लगभग 135 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का हवाई सर्वे पूरा किया जा चुका है। अब पहले चरण में करीब 58 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का जमीनी सर्वे किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम और जिला प्रशासन की मदद से कुल 26 टीमें बनाई गई हैं, जो रोवर और टैबलेट जैसे आधुनिक उपकरणों की सहायता से सर्वे कार्य करेंगी। अधिकारियों के अनुसार यह सर्वे सेटेलाइट और CORES नेटवर्क तकनीक पर आधारित होगा। इससे शहर में जमीन और भवनों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा सकेगा। साथ ही टैक्स व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने, शहरी सुविधाओं के आधुनिकीकरण और बेहतर नगर नियोजन में भी मदद मिलेगी। बैठक के दौरान नगर निगम की फील्ड टीमों ने जमीनी स्तर पर आने वाली संभावित दिक्कतों, तकनीकी समस्याओं और प्रशिक्षण से जुड़े मुद्दे भी उठाए। निदेशक डी एन पाठक ने सभी समस्याओं के जल्द समाधान का भरोसा दिलाया। समीक्षा बैठक में हवाई सर्वेक्षण, फीचर एक्सट्रैक्शन, डिजिटलीकरण, फील्ड सर्वे, ग्राउंड ट्रुथिंग, प्रशिक्षण और उपकरण संचालन समेत परियोजना के विभिन्न चरणों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने गोरखपुर में चल रहे कार्यों की प्रगति, रणनीति और चुनौतियों की भी समीक्षा की।


