गोरखपुर के शाहपुर इलाके में धोखाधड़ी का एक ऐसा मामला सामने आया था जिसमें फर्जी आधारकार्ड का इस्तेमाल कर एक कारोबारी से 15 लाख रुपए ठग लिए गए। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके दो अन्य साथियों की तलाश जारी है। पकड़े गए आरोपी की पहचान गुलरिया के सेमरा नंबर-2 को रहने वाले बेचू चौधरी के रूप में हुई है। जो मूलरूप से कुशीनगर जिले के रामकोला मोरवन गांव का बताया गया है। पुलिस ने उसे जेल में बंद कर दिया है।
जानिए पूरा मामला …
जानकारी के मुताबिक राप्तीनगर के रहने वाले श्रीकृष्ण सिंह बघेल की विनय कुमार शाही नाम के व्यक्ति से पुरानी पहचान थी। विनय ने पहले भी उनसे करीब 16 लाख रुपये उधार लिए थे। इसके बाद विनय ने अपने एक दोस्त की बिजनेस में लॉस होने के नाम पर फिर से श्रीकृष्ण से मदद मांगी। उसने बेचू चौधरी नाम के व्यक्ति को एक बड़ा बिजनेसमैन बताकर मिलवाया और भरोसा जीतने के लिए एक आधार कार्ड भी दिखाया। चेक से लिए रुपए और मुकर गए
विनय की बातों में आकर श्रीकृष्ण ने अपनी पत्नी के बैंक खाते से तीन चेक के जरिए कुल 15 लाख रुपए दे दिए। कुछ समय बाद जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने उन्हें पहचानने से ही साफ मना कर दिया। शक होने पर जब पीड़ित ने जांच पड़ताल की, तो पता चला कि जिस नाम का आधारकार्ड दिखाया गया था, वह फर्जी थी और रुपए किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर किए गए थे। कुशीनगर का रहने वाला है आरोपी
धोखाधड़ी का पता चलते ही पीड़ित ने शाहपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी बेचू चौधरी को पकड़ लिया है। आरोपी मूल रूप से कुशीनगर का रहने वाला है और फिलहाल गुलरिया इलाके में रह रहा था। सीओ रवि सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपी से पूछताछ की जा रही है और बैंक खातों की डिटेल खंगाली जा रही है। इस गैंग में शामिल दो और लोगों को पकड़ने के लिए पुलिस दबिश दे रही है।


