भारतमाला परियोजना चरण-2 के अंतर्गत प्रस्तावित गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के निर्माण हेतु शिवहर जिले में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिला पदाधिकारी के निर्देश पर गठित पांच सदस्यीय समिति ने अधिग्रहित की जाने वाली भूमि की किस्म और प्रकृति निर्धारित करने के लिए मौजा मधुबनी उर्फ परदेशिया और ताजपुर का स्थलीय निरीक्षण किया। वर्गीकरण का निर्धारण करने के उद्देश्य से किया गया
यह निरीक्षण एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए प्राप्त खेसरा सूची के आधार पर भूमि की वास्तविक प्रकृति, उपयोग और वर्गीकरण का निर्धारण करने के उद्देश्य से किया गया है। समिति ने संबंधित क्षेत्रों का भ्रमण कर मौके पर ही जांच की। जिला प्रशासन के अनुसार, यह पांच सदस्यीय समिति 3 जून से 9 जून 2026 तक शिवहर जिले के कुल 12 मौजों का दौरा करेगी। इस दौरान एक्सप्रेसवे के निर्धारित संरेखण (Alignment) के अनुरूप अधिग्रहित की जाने वाली भूमि की प्रकृति का भौतिक सत्यापन और निर्धारण किया जाएगा। विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे
स्थलीय जांच के दौरान अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता, जिला अवर निबंधक, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अधियाची विभाग के कर्मी सहित अन्य विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने बताया कि भूमि संबंधी सभी प्रक्रियाओं को पारदर्शी और नियमानुसार पूरा किया जाएगा, ताकि परियोजना के क्रियान्वयन में कोई बाधा न आए। भारतमाला परियोजना चरण-2 के अंतर्गत प्रस्तावित गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के निर्माण हेतु शिवहर जिले में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिला पदाधिकारी के निर्देश पर गठित पांच सदस्यीय समिति ने अधिग्रहित की जाने वाली भूमि की किस्म और प्रकृति निर्धारित करने के लिए मौजा मधुबनी उर्फ परदेशिया और ताजपुर का स्थलीय निरीक्षण किया। वर्गीकरण का निर्धारण करने के उद्देश्य से किया गया
यह निरीक्षण एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए प्राप्त खेसरा सूची के आधार पर भूमि की वास्तविक प्रकृति, उपयोग और वर्गीकरण का निर्धारण करने के उद्देश्य से किया गया है। समिति ने संबंधित क्षेत्रों का भ्रमण कर मौके पर ही जांच की। जिला प्रशासन के अनुसार, यह पांच सदस्यीय समिति 3 जून से 9 जून 2026 तक शिवहर जिले के कुल 12 मौजों का दौरा करेगी। इस दौरान एक्सप्रेसवे के निर्धारित संरेखण (Alignment) के अनुरूप अधिग्रहित की जाने वाली भूमि की प्रकृति का भौतिक सत्यापन और निर्धारण किया जाएगा। विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे
स्थलीय जांच के दौरान अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता, जिला अवर निबंधक, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अधियाची विभाग के कर्मी सहित अन्य विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने बताया कि भूमि संबंधी सभी प्रक्रियाओं को पारदर्शी और नियमानुसार पूरा किया जाएगा, ताकि परियोजना के क्रियान्वयन में कोई बाधा न आए।


