गया में तालाब लुप्त,डीएम ने अतिक्रमण हटाने के दिए आदेश:अधिकारी बोले- पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, लोगों को मिलेंगे रोजगार के मौके

गया में तालाब लुप्त,डीएम ने अतिक्रमण हटाने के दिए आदेश:अधिकारी बोले- पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, लोगों को मिलेंगे रोजगार के मौके

गया में शनिवार को विकास और जनहित से संबंधित दो महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित की गईं। इनमें तालाबों के संरक्षण, मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और बोधगया में पर्यटन को सुरक्षित व सुखद बनाने के उपायों पर चर्चा हुई। समाहरणालय में आयोजित मत्स्यजीवी समितियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने की। इस दौरान जिले के मत्स्य संसाधनों, विशेषकर पारंपरिक तालाबों की वर्तमान स्थिति और मत्स्य पालकों की समस्याओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया। जिले के तालाब लुप्त समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि जिले के कई पारंपरिक तालाब या तो लुप्त हो गए हैं या उनका स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पा रहा है। इसके अलावा, अनेक तालाबों पर अवैध अतिक्रमण की समस्या भी गंभीर पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी तालाबों का व्यापक सर्वेक्षण कराया जाए और उनकी वर्तमान स्थिति का सही आकलन किया जाए। उन्होंने अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने और तालाबों के पुनर्जीवन के लिए ठोस योजना बनाने का आश्वासन दिया। जल संसाधनों के संरक्षण के महत्व पर भी जोर दिया बैठक में जल संसाधनों के संरक्षण के महत्व पर भी जोर दिया गया। इसे न केवल पर्यावरणीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताया गया, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में भी इसकी अहम भूमिका स्वीकार की गई। डॉ. प्रेम कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि मत्स्य पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ है और इसका विकास सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मत्स्य पालकों और समितियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विशेष योजनाएं बनाई जाएं। आधारभूत संरचना जैसी सुविधाएं शामिल इन योजनाओं में तकनीकी प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और आधारभूत संरचना जैसी सुविधाएं शामिल हों। उन्होंने यह भी कहा कि मत्स्य पालकों को बाजार से बेहतर ढंग से जोड़ने के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। दूसरी ओर, बोधगया में पर्यटन को सुरक्षित और सुखद बनाने के उद्देश्य से “टूरिस्ट फर्स्ट (सेफ एंड प्लेजेंट टूरिज्म प्रोजेक्ट)” के तहत सॉफ्ट स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार मत्स्यजीवी समुदाय के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इस बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, मत्स्यजीवी समितियों के प्रतिनिधि और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा इसी दिन बोधगया में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में “टूरिस्ट फर्स्ट” परियोजना के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य बोधगया में आने वाले पर्यटकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और सुखद अनुभव प्रदान करना था। इसके लिए सॉफ्ट स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि बोधगया जैसे अंतरराष्ट्रीय महत्व के पर्यटन स्थल पर आने वाले पर्यटकों को एक सुरक्षित और स्वागतयोग्य वातावरण मिलना चाहिए। इसके लिए सभी संबंधित विभागों और संस्थाओं के बीच समन्वय और सहयोग को मजबूत बनाने की आवश्यकता बताई गई। पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा अधिकारियों ने कहा कि यह पहल न केवल पर्यटन सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाएगी, बल्कि बोधगया की सकारात्मक छवि को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत करेगी। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। गया में शनिवार को विकास और जनहित से संबंधित दो महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित की गईं। इनमें तालाबों के संरक्षण, मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और बोधगया में पर्यटन को सुरक्षित व सुखद बनाने के उपायों पर चर्चा हुई। समाहरणालय में आयोजित मत्स्यजीवी समितियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने की। इस दौरान जिले के मत्स्य संसाधनों, विशेषकर पारंपरिक तालाबों की वर्तमान स्थिति और मत्स्य पालकों की समस्याओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया। जिले के तालाब लुप्त समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि जिले के कई पारंपरिक तालाब या तो लुप्त हो गए हैं या उनका स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पा रहा है। इसके अलावा, अनेक तालाबों पर अवैध अतिक्रमण की समस्या भी गंभीर पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी तालाबों का व्यापक सर्वेक्षण कराया जाए और उनकी वर्तमान स्थिति का सही आकलन किया जाए। उन्होंने अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने और तालाबों के पुनर्जीवन के लिए ठोस योजना बनाने का आश्वासन दिया। जल संसाधनों के संरक्षण के महत्व पर भी जोर दिया बैठक में जल संसाधनों के संरक्षण के महत्व पर भी जोर दिया गया। इसे न केवल पर्यावरणीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताया गया, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में भी इसकी अहम भूमिका स्वीकार की गई। डॉ. प्रेम कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि मत्स्य पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ है और इसका विकास सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मत्स्य पालकों और समितियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विशेष योजनाएं बनाई जाएं। आधारभूत संरचना जैसी सुविधाएं शामिल इन योजनाओं में तकनीकी प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और आधारभूत संरचना जैसी सुविधाएं शामिल हों। उन्होंने यह भी कहा कि मत्स्य पालकों को बाजार से बेहतर ढंग से जोड़ने के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। दूसरी ओर, बोधगया में पर्यटन को सुरक्षित और सुखद बनाने के उद्देश्य से “टूरिस्ट फर्स्ट (सेफ एंड प्लेजेंट टूरिज्म प्रोजेक्ट)” के तहत सॉफ्ट स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार मत्स्यजीवी समुदाय के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इस बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, मत्स्यजीवी समितियों के प्रतिनिधि और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा इसी दिन बोधगया में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में “टूरिस्ट फर्स्ट” परियोजना के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य बोधगया में आने वाले पर्यटकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और सुखद अनुभव प्रदान करना था। इसके लिए सॉफ्ट स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि बोधगया जैसे अंतरराष्ट्रीय महत्व के पर्यटन स्थल पर आने वाले पर्यटकों को एक सुरक्षित और स्वागतयोग्य वातावरण मिलना चाहिए। इसके लिए सभी संबंधित विभागों और संस्थाओं के बीच समन्वय और सहयोग को मजबूत बनाने की आवश्यकता बताई गई। पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा अधिकारियों ने कहा कि यह पहल न केवल पर्यटन सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाएगी, बल्कि बोधगया की सकारात्मक छवि को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत करेगी। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *