बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार की हलचल तेज, नीतीश से मुलाकात के बाद दिल्ली रवाना हुए मुख्यमंत्री

बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार की हलचल तेज, नीतीश से मुलाकात के बाद दिल्ली रवाना हुए मुख्यमंत्री

बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दिल्ली दौरे और अमित शाह से संभावित मुलाकात के बाद मंत्रियों के नामों पर अंतिम फैसला होने की संभावना है। 

नई सरकार के गठन के बाद बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद दिल्ली रवाना हो गए। इसके साथ ही मंत्रियों के नामों को लेकर सियासी चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे, जहां संभावित मंत्रियों के नामों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। सूत्रों का यह भी कहना है कि मंत्रिमंडल विस्तार 7 मई के आसपास हो सकता है, जिसके बाद सरकार अपनी पूरी टीम के साथ काम शुरू करेगी।

नए चेहरों को मिल सकती है एंट्री

सूत्रों का कहना है कि सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल के विस्तार में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष ध्यान देंगे। प्रदेश में भाजपा पहली बार मुख्यमंत्री पद पर है, ऐसे में पार्टी की कोशिश है कि राज्य के सभी प्रमुख जातीय समूहों और क्षेत्रों को उचित प्रतिनिधित्व मिले। इसी रणनीति के तहत मंत्रिमंडल में कुछ नए चेहरों को भी शामिल किए जाने की संभावना है। साथ ही प्रशासनिक अनुभव को मजबूत करने के लिए कुछ अनुभवी नेताओं को भी स्थान दिया जा सकता है।

भाजपा कोटे से मंत्रियों के नामों पर मंथन

सम्राट सरकार में भाजपा कोटे से दिलीप जायसवाल, मंगल पांडे, विजय सिन्हा, संजय जायसवाल, नीतीश मिश्रा, जनक राम और नीरज कुमार बबलू के नामों की चर्चा है। सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से कुछ नए चेहरों को भी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना है, ताकि दोनों के बीच तालमेल और मजबूत हो सके।

निशांत की टीम से भी मिल सकता है मौका

जदयू की ओर से भी संभावित मंत्रियों के नामों को लेकर मंथन जारी है। माना जा रहा है कि जदयू कोटे से अशोक चौधरी, लेसी सिंह और श्रवण कुमार जैसे नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। इसके साथ ही निशांत की टीम से भी कुछ नए चेहरों को अवसर दिए जाने की संभावना है, ताकि आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को और मजबूत किया जा सके।

  

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