अनुशासित जीवन पर विचारों के साथ सजी काव्य गोष्ठी

सागर| साहित्य सरस्वती मंच की 115वीं काव्य गोष्ठी का आयोजन तीनबत्ती कार्यालय में शहर के वरिष्ठ साहित्यकारों की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता लक्ष्मीनारायण चौरसिया ने की, जबकि मुख्य अतिथि प्रोफेसर डॉ. गजाधर सागर रहे। प्रथम सत्र में अनुशासित जीवन, वैदिक छंदों और आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा हुई, जिसमें पीआर मलैया और अरुण दुबे ने विचार रखे। द्वितीय सत्र की शुरुआत पूरन सिंह राजपूत द्वारा सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद विभिन्न साहित्यकारों ने ग्रीष्म ऋतु, प्रेम और धर्म विषयों पर कविताएं एवं गजलें प्रस्तुत कर समां बांध दिया। गोष्ठी में राजेन्द्र चौबे, एम शरीफ, आनंद मिश्र अकेला, वृंदावन राय सरल, केएल तिवारी अलबेला, महबूब ताज, पुष्पेन्द्र दुबे, छोटे नबाव, पीआर मलैया, हेमंत दुबे, अरूण कुमार दुबे, प्रोफेसर डॉ. गजाधर सागर ने गजलें सुनाईं।

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