Vijayta Pandit On sister Sandhya Pandit Murder: बॉलीवुड की चकाचौंध के पीछे अक्सर ऐसे अंधेरे छिपे होते हैं, जिनकी कल्पना करना भी मुश्किल है। ‘लव स्टोरी’ फिल्म से रातों-रात स्टार बनीं पूर्व अभिनेत्री विजयता पंडित ने हाल ही में अपनी बहन संध्या पंडित की मौत से जुड़ा एक ऐसा दर्दनाक किस्सा शेयर किया, जो किसी भी इंसान की रूह कंपा दे। यह कहानी सिर्फ एक कत्ल की नहीं, बल्कि एक परिवार के उस अटूट दुख की है जिसे उन्होंने बरसों तक अपने सीने में दबाए रखा।
विजयता पंडित की बहन का दर्दनाक था अंत (Vijayta Pandit On sister Sandhya Pandit Murder)
यह वाकया साल 2012 का है। विजयता की बहन संध्या मुंबई में अपने परिवार के साथ रहती थीं। 13 दिसंबर 2012 को वह बैंक जाने के लिए घर से निकलीं और फिर कभी वापस नहीं आईं। परिवार ने उन्हें पागलों की तरह ढूंढा, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। लगभग एक महीने बाद नवी मुंबई के पाम बीच रोड के पास एक दलदली इलाके से पुलिस को कुछ अवशेष मिले।
विजयता ने उस मंजर को याद करते हुए बताया, “पुलिस ने हमें पहचान के लिए बुलाया था। जब मैंने वहां पड़े सामान को देखा, तो मेरा दिल बैठ गया। वह मेरी बहन संध्या ही थी। शरीर पूरी तरह गल चुका था, वहां सिर्फ कंकाल के कुछ टुकड़े बिखरे पड़े थे।” एक चमकते सितारे वाले परिवार के लिए अपनी बहन को इस हालत में देखना किसी डरावने सपने जैसा था।

सुलक्षणा पंडित से छिपाया गया मौत का सच
इस घटना का सबसे भावुक पहलू यह है कि विजयता ने अपनी बड़ी बहन और मशहूर अभिनेत्री सुलक्षणा पंडित से यह सच हमेशा छिपाए रखा। सुलक्षणा पहले से ही मानसिक और भावनात्मक रूप से काफी नाजुक थीं। विजयता ने बताया, “मैंने दीदी को कभी नहीं बताया कि संध्या अब इस दुनिया में नहीं है। मुझे डर था कि अगर उन्हें सच पता चला, तो वह सदमे से उसी वक्त दम तोड़ देंगी।”
सुलक्षणा को अंधेरे में रखने के लिए विजयता को हर दिन झूठ बोलना पड़ता था। वह सुलक्षणा से कहती थीं कि संध्या इंदौर में है, खुश है और अक्सर फोन करती है। विजयता ने रुंधे गले से बताया, “भगवान कसम, मुझे सालों तक यह नाटक करना पड़ा। सुलक्षणा दीदी अक्सर कहती थीं कि छोटी बहन को मेरा प्यार देना, और मैं बस सिर हिला देती थी।” बता दें कि सुलक्षणा पंडित का भी 6 नवंबर 2025 को निधन हो गया, और वह इस दुनिया से अपनी बहन की मौत का सच जाने बिना ही विदा हो गईं।

बेटे पर लगा था आरोप, पर मिली रिहाई
उस वक्त इस मामले ने काफी तूल पकड़ा था क्योंकि संध्या के बेटे रघुवीर सिंह पर ही हत्या का शक जताया गया था। हालांकि, लंबी कानूनी लड़ाई के बाद ठाणे सेशंस कोर्ट ने सबूतों के अभाव में रघुवीर को बरी कर दिया। कोर्ट में यह साबित नहीं हो सका कि बेटे ने ही मां की हत्या की थी।
आज भले ही यह केस फाइलों में दब गया हो, लेकिन विजयता पंडित के लिए यह जख्म आज भी हरा है। एक तरफ बहन को खोने का गम और दूसरी तरफ दूसरी बहन के सामने सालों तक झूठ बोलने का बोझ- विजयता की यह आपबीती बताती है कि पर्दे पर मुस्कराने वाले सितारों की असल जिंदगी कभी-कभी कितनी बेरहम हो सकती है।


