सहरसा में ईस्ट एंड वेस्ट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज (TTC) के चेयरमैन डॉ. रजनीश रंजन ने रविवार को कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं से संवाद किया। यह कार्यक्रम सहरसा के प्रेक्षागृह में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर उन्होंने स्नातक मतदाताओं से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं और सुझावों को सुना, साथ ही अपनी भावी कार्ययोजना भी साझा की। मतदाताओं को संबोधित करते हुए डॉ. रजनीश रंजन ने कहा कि वर्ष 1952 से अब तक कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित कोई भी विधान पार्षद क्षेत्र की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर सका। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से इस क्षेत्र के स्नातकों और शिक्षित युवाओं की उपेक्षा की गई है। डॉ. रंजन ने बताया कि वर्ष 1952 में इस निर्वाचन क्षेत्र में मात्र 222 मतदाता थे, जो अब बढ़कर लगभग 80 हजार हो गए हैं। इसके बावजूद स्नातक मतदाताओं की समस्याओं के समाधान के लिए कोई गंभीर प्रयास नहीं किए गए। प्राथमिकताएं जनता के सुझावों पर आधारित होंगी
उन्होंने अपनी प्रस्तावित कार्ययोजना की जानकारी देते हुए कहा कि यदि उन्हें मतदाताओं का समर्थन मिलता है, तो उनकी प्राथमिकताएं जनता के सुझावों पर आधारित होंगी। उनकी एक प्रमुख योजना स्नातक पास बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए 10 वर्षों तक पांच लाख रुपये का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने हेतु सरकार पर दबाव बनाना है। इसके अतिरिक्त, स्नातक युवाओं, शिक्षकों, अधिवक्ताओं और पत्रकारों के लिए जीवन बीमा एवं कैशलेस इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का भी प्रयास किया जाएगा। पुस्तकालयों की आधारभूत संरचना को मजबूत किया जाएगा
डॉ. रंजन ने कहा कि सभी वकालतखानों और प्रमंडलीय पुस्तकालयों की आधारभूत संरचना को मजबूत किया जाएगा। साथ ही, जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर पर आधुनिक पुस्तकालयों एवं ई-लाइब्रेरी की स्थापना को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने उच्च शिक्षा व्यवस्था में सुधार का भी वादा किया। सहरसा के एमएलटी कॉलेज, पूर्णिया कॉलेज, टीएनबी कॉलेज भागलपुर और आरडी एंड डीजे कॉलेज मुंगेर की शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पहल की जाएगी। साथ ही, सहरसा स्थित बीएड कॉलेज में सात माह के भीतर पुनः नियमित पढ़ाई शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। सहरसा में ईस्ट एंड वेस्ट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज (TTC) के चेयरमैन डॉ. रजनीश रंजन ने रविवार को कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं से संवाद किया। यह कार्यक्रम सहरसा के प्रेक्षागृह में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर उन्होंने स्नातक मतदाताओं से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं और सुझावों को सुना, साथ ही अपनी भावी कार्ययोजना भी साझा की। मतदाताओं को संबोधित करते हुए डॉ. रजनीश रंजन ने कहा कि वर्ष 1952 से अब तक कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित कोई भी विधान पार्षद क्षेत्र की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर सका। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से इस क्षेत्र के स्नातकों और शिक्षित युवाओं की उपेक्षा की गई है। डॉ. रंजन ने बताया कि वर्ष 1952 में इस निर्वाचन क्षेत्र में मात्र 222 मतदाता थे, जो अब बढ़कर लगभग 80 हजार हो गए हैं। इसके बावजूद स्नातक मतदाताओं की समस्याओं के समाधान के लिए कोई गंभीर प्रयास नहीं किए गए। प्राथमिकताएं जनता के सुझावों पर आधारित होंगी
उन्होंने अपनी प्रस्तावित कार्ययोजना की जानकारी देते हुए कहा कि यदि उन्हें मतदाताओं का समर्थन मिलता है, तो उनकी प्राथमिकताएं जनता के सुझावों पर आधारित होंगी। उनकी एक प्रमुख योजना स्नातक पास बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए 10 वर्षों तक पांच लाख रुपये का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने हेतु सरकार पर दबाव बनाना है। इसके अतिरिक्त, स्नातक युवाओं, शिक्षकों, अधिवक्ताओं और पत्रकारों के लिए जीवन बीमा एवं कैशलेस इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का भी प्रयास किया जाएगा। पुस्तकालयों की आधारभूत संरचना को मजबूत किया जाएगा
डॉ. रंजन ने कहा कि सभी वकालतखानों और प्रमंडलीय पुस्तकालयों की आधारभूत संरचना को मजबूत किया जाएगा। साथ ही, जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर पर आधुनिक पुस्तकालयों एवं ई-लाइब्रेरी की स्थापना को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने उच्च शिक्षा व्यवस्था में सुधार का भी वादा किया। सहरसा के एमएलटी कॉलेज, पूर्णिया कॉलेज, टीएनबी कॉलेज भागलपुर और आरडी एंड डीजे कॉलेज मुंगेर की शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पहल की जाएगी। साथ ही, सहरसा स्थित बीएड कॉलेज में सात माह के भीतर पुनः नियमित पढ़ाई शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।


