Zamboanga School Shooting: फिलीपींस के दक्षिणी शहर जाम्बोआंगा में मंगलवार को स्कूल परिसर अचानक गोलियों की आवाज से दहल उठा। एटेनियो डी जाम्बोआंगा यूनिवर्सिटी से जुड़े हाई स्कूल में हुई गोलीबारी में दो लोगों की जान चली गई। अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों में एक छात्र और कथित हमलावर शामिल हैं। घटना के बाद स्कूल परिसर को सुरक्षित कर लिया गया और फिलहाल कोई सक्रिय हमलावर नहीं है। करीब दो महीने में देश में सामने आई यह दूसरी बड़ी स्कूल शूटिंग है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जाम्बोआंगा के स्कूल में क्या हुआ?
मंगलवार को जाम्बोआंगा शहर स्थित एटेनियो डी जाम्बोआंगा यूनिवर्सिटी से जुड़े जूनियर हाई स्कूल परिसर में अचानक फायरिंग की खबर सामने आई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हमले में दो लोगों की मौत हुई। स्थानीय मेयर खाइमर एडन ओलासो ने बताया कि दोनों मृतकों में एक छात्र और कथित शूटर शामिल है।
अधिकारियों के मुताबिक, हमलावर ने हाई-पावर हथियार का इस्तेमाल किया। बाद में पुलिस और सुरक्षा बलों ने परिसर को अपने नियंत्रण में ले लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अब कोई सक्रिय शूटर मौजूद नहीं है और घटना के बाद अतिरिक्त मौत की सूचना नहीं है।
हालांकि शुरुआती आधिकारिक बयान में किसी अन्य घायल की पुष्टि नहीं की गई थी, बाद की रिपोर्टों में दो छात्रों के घायल होने की जानकारी सामने आई। इसलिए घटना से जुड़े आंकड़े जांच आगे बढ़ने के साथ बदल सकते हैं।
छात्र ने छात्र को बनाया निशाना, फिर खुद को मारी गोली
बाद की पुलिस और स्थानीय अधिकारियों की जानकारी के अनुसार, हमलावर भी स्कूल का छात्र था। रिपोर्टों में कहा गया है कि उसने पहले एक सहपाठी को गोली मारी और इसके बाद खुद की जान ले ली। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक उसके पास दो हथियार थे और उसने घटना को रिकॉर्ड या लाइवस्ट्रीम करने के लिए बॉडी कैमरा भी पहना हुआ था। इन दावों की जांच जारी है।
घटना के पीछे क्या वजह थी, इसे लेकर अभी कोई अंतिम आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि हथियार छात्र तक कैसे पहुंचा और हमले की पहले से कोई योजना थी या नहीं।
यूनिवर्सिटी ने कहा- छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
एटेनियो डी जाम्बोआंगा यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष अर्नाल्ड एंडाल ने कहा कि परिसर में अब कोई सक्रिय गोलीबारी नहीं हो रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर घटना की जांच और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग कर रहा है।
उन्होंने कहा कि संस्थान ऐसी घटना को कभी नहीं होने देना चाहता और छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। प्रशासन की ओर से घटना की पूरी जानकारी जांच एजेंसियों से मिलने के बाद साझा करने की बात कही गई है।
दो महीने में दूसरी बड़ी स्कूल शूटिंग
जाम्बोआंगा की घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि फिलीपींस अभी जून में हुई एक भयावह स्कूल शूटिंग से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था।
22 जून को टैक्लोबान सिटी के सैन जोस नेशनल हाई स्कूल में दो नाबालिग छात्रों ने कथित तौर पर अपने सहपाठियों पर गोलियां चला दी थीं। इस हमले में तीन छात्रों की मौत हुई और 20 अन्य घायल हुए। पुलिस के मुताबिक, दोनों संदिग्धों की उम्र 14 और 15 वर्ष थी।
जांच में यह भी सामने आया कि हमले की कथित तौर पर एक महीने से अधिक समय तक योजना बनाई गई थी। पुलिस ने संभावित कारणों की जांच के दौरान बुलिंग यानी स्कूल में प्रताड़ना के एंगल पर भी गौर किया।
टैक्लोबान के बाद स्कूलों में बढ़ाई गई सुरक्षा
जून की घटना के बाद फिलीपींस में स्कूल सुरक्षा को लेकर कई कदम उठाए गए। टैक्लोबान के स्कूलों में प्रवेश व्यवस्था कड़ी की गई और बैग की जांच तथा नियंत्रित प्रवेश जैसे उपाय लागू किए गए। पुलिस ने सक्रिय हमलावर की स्थिति से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण और अभ्यास भी शुरू किए।
राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने भी टैक्लोबान घटना के बाद व्यापक जांच और स्कूलों समेत सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा मजबूत करने का निर्देश दिया था।
थाईलैंड की घटना से भी जुड़ रही कड़ी
फिलीपींस में ताजा घटना ऐसे समय हुई है जब दक्षिण-पूर्व एशिया का एक और देश स्कूल शूटिंग की भयावह घटना से जूझ रहा है। अगस्त में थाईलैंड के बैंकॉक के बाहरी इलाके में एक 14 वर्षीय छात्र ने स्कूल से जुड़ी गोलीबारी में कई लोगों की हत्या कर दी थी। इस हमले ने देश में हथियारों की आसान उपलब्धता और बंदूक नियंत्रण को लेकर बहस तेज कर दी।
थाई सरकार ने इसके बाद नए हथियार लाइसेंस जारी करने पर रोक और मौजूदा लाइसेंस की समीक्षा जैसे कदमों की घोषणा की। देश में बड़ी संख्या में नागरिकों के पास हथियार होने को लेकर लंबे समय से चिंता जताई जाती रही है।


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