Taiwan China tensio: ताइवान में शुक्रवार दोपहर दो नए अमेरिकी F-16V फाइटर जेट उतरे। ये जेट हवाई और गुआम होते हुए पहुंचे। ताइवान की सरकार इसे अपनी सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम मान रही है।
चीन लगातार ताइवान को अपना हिस्सा बताता रहा है। बीजिंग इस द्वीप पर हमले की धमकी देता रहता है। ऐसे में अमेरिका की तरफ से भेजे गए ये जेट ताइवान के लिए बड़ी राहत की खबर हैं।
चीन के दबाव के बावजूद डिलीवरी
अमेरिका ने ये जेट लॉकहीड मार्टिन कंपनी से बनवाए हैं। कुल 66 जेट्स का सौदा लगभग 8 अरब डॉलर का है। यह डील अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल में मंजूर हुई थी।
चीन ने बार-बार अमेरिका से कहा था कि ताइवान को हथियार मत दो। इसी वजह से डिलीवरी में महीनों की देरी हुई। फिर भी अमेरिका ने जेट भेज दिए।
ताइवान के रक्षा मंत्री वेलिंगटन कू ने साफ कहा कि साल के अंत तक सिर्फ ये दो जेट नहीं बल्कि और भी आएंगे। ताइवान की सेना को चीन की बढ़ती ताकत के खिलाफ मजबूत बनाने की जरूरत है।
ट्रंप-शी की मुलाकात के बाद उठाया गया ये कदम
बता दें कि ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की वाशिंगटन में मुलाकात के ठीक एक हफ्ते बाद ये जेट ताइवान पहुंचे हैं। इससे पहले ट्रंप ने मई में शी से मुलाकात के बाद ताइवान के लिए नए 14 अरब डॉलर के पैकेज पर रोक लगाने की बात कही थी।
हालांकि दिसंबर 2025 में उन्होंने 11 अरब डॉलर का एक पैकेज मंजूर कर दिया था। अमेरिकी विदेश विभाग ने साफ कहा कि नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
उन्होंने आगे कहा- इंडो-पैसिफिक में दोस्तों और सहयोगियों के साथ खड़े रहने की बात दोहराई गई। इसमें ताइवान भी शामिल है। उन्होंने आगे कहा- अमेरिका कानून के तहत ताइवान को आत्मरक्षा के साधन देने के लिए बाध्य है। दोनों देशों के बीच औपचारिक राजनयिक रिश्ते नहीं हैं।
F-16V की खासियत
ये जेट 2023 में अपग्रेड हुए हैं। इनमें बेहतर रडार, आधुनिक हथियार और एवियोनिक्स सिस्टम लगे हैं। ये चीन की J-20 स्टेल्थ फाइटर जेट्स का मुकाबला करने में सक्षम माने जाते हैं।
ताइवान में इस डिलीवरी को सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। ताइवान अपनी रक्षा क्षमता बढ़ा रहा है ताकि किसी भी संभावित हमले को रोक सके। ये जेट उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।


Taiwan just received its first two U.S.-made F-16V Block 70 fighters
