सीरिया के इदलिब में सैन्य हवाई अड्डे पर चार हवाई हमले, अबू अल-जुहूर एयरपोर्ट बना निशाना

सीरिया के इदलिब में सैन्य हवाई अड्डे पर चार हवाई हमले, अबू अल-जुहूर एयरपोर्ट बना निशाना

Abu al Zuhur Airbase: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर हालात बिगड़ने लगे हैं। सीरिया के इदलिब प्रांत में एक सैन्य हवाई अड्डे को निशाना बनाकर चार हवाई हमले किए गए हैं। अबू अल-जुहूर सैन्य हवाई अड्डे पर हुए इन हमलों के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है। वहीं यमन सरकार ने विद्रोहियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का फरमान जारी कर दिया है। इसके अलावा काहिरा में गाजा युद्धविराम को लेकर भी बड़ी बैठक आयोजित की गई है।

सीरिया- इदलिब के सैन्य हवाई अड्डे पर 4 जोरदार धमाके

उत्तरी सीरिया के इदलिब प्रांत से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। इदलिब के पूर्वी हिस्से में स्थित ‘अबू अल-जुहूर’ सैन्य हवाई अड्डे को निशाना बनाकर चार जोरदार हवाई हमले किए गए हैं। इन हमलों के बाद क्षेत्र में भारी तबाही देखने को मिली है और पूरे इलाके में जबरदस्त तनाव बना हुआ है।

गाजा युद्धविराम पर काहिरा में बड़ी बैठक, फतह और हमास आए साथ

गाजा में जारी जंग को रोकने के लिए मिस्र की राजधानी काहिरा में एक बड़ी राजनीतिक बैठक हुई। हमास के राजनीतिक ब्यूरो प्रमुख खलील अल-हय्या ने फतह के ‘डेमोक्रेटिक नेशनल करंट’ के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की, जिसका नेतृत्व मोहम्मद दहलान कर रहे थे। इस महत्वपूर्ण बैठक में गाजा में जारी युद्धविराम की स्थिति, वहां के लोगों तक खाना-दवाइयां पहुंचाने और पूर्व में तय हुए समझौतों पर इजराइल की प्रतिबद्धता सुनिश्चित करने जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
अल-हय्या ने मध्यस्थों और मिस्र के अधिकारियों के साथ हुई बातचीत का पूरा ब्यौरा अन्य गुटों के साथ साझा किया। इसके बाद विभिन्न फिलिस्तीनी संगठनों ने एक साथ इजराइल पर आरोप लगाया कि वह तय शर्तों से पीछे हट रहा है और जानबूझकर युद्धविराम लागू करने में देरी कर रहा है।

हूती विद्रोहियों पर पलटवार की तैयारी

उधर यमन में भी स्थितियां तेजी से बिगड़ रही हैं। यमन सरकार की ‘राष्ट्रीय रक्षा परिषद’ ने अपनी सेना को निर्देश दिया है कि वे हूती ठिकानों पर हवाई और मिसाइल हमलें तेज कर दें। परिषद की यह आपात बैठक सोमवार को हूतियों द्वारा विस्थापित शिविरों, रिहाइशी इलाकों और प्रमुख प्रतिष्ठानों पर किए गए बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद बुलाई गई थी, जिनमें कई महिलाओं और बच्चों समेत काफी लोग घायल हुए थे।
सुरक्षा परिषद ने हूतियों के खिलाफ सेना की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि ईरान समर्थित विद्रोहियों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। इसके साथ ही अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। वर्ष 2014 से राजधानी सना पर कब्जा जमाए हूती विद्रोहियों ने हाल के दिनों में लाल सागर में जहाजों और सीमा पार हमले काफी तेज कर दिए हैं।

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