नवादा के रजौली प्रखंड के अंतर्गत आने वाले सुदूरवर्ती सवैयाटांड़ पंचायत में गर्मी के शुरू होने के साथ ही पीने के पीनी का संकट भी शुरू हो गया। गांव के चापाकल सूख चुके हैं, हालात ऐसे बन गए हैं कि लोग अपनी प्यास बुझाने के लिए तालाबों के गंदे पानी का सहारा ले रहे हैं। लोगों का कहना है कि यहां पर नल जल योजना ठप पड़ी है। ये हाल के केवल सुदूरवर्ती सवैयाटांड़ पंचायत की ही नहीं बल्कि लकडीहा, सिमरातरी, बसरौन और बाराटांड़ सहित कई गांवों की है। आरोप है कि नल जल योजना के तहत जल मीनारें और पाइपलाइन बिछाई गई थीं, लेकिन ये व्यवस्थाएं महीनों से ठप पड़ी हैं। इस समस्या के पीछे क्या है वजह ? चटकरी गांव के ब्रह्मदेव सिंह, सुरेश सिंह, भोला तुरिया, सनोज तुरिया, पिंटू साव, फुलवा देवी, संगीता देवी और रेखा देवी ने बताया कि गांव की प्रखंड मुख्यालय से दूरी मात्र 22 किलोमीटर है, लेकिन बुढ़ियासाख से खराब सड़क होने के कारण नल-जल योजना की पाइपलाइन झारखंड के कोडरमा होकर बिछाई गई है। इस वजह से दूरी बढ़कर करीब 80 किलोमीटर हो जाती है। ग्रामीणों ने कहा कि भौगोलिक बाधाओं के कारण सरकारी कल्याणकारी योजनाएं यहां प्रभावी ढंग से नहीं पहुंच पा रही हैं। उनका कहना है कि यही वजह है कि वे लोग खुद को नवादा से कटा हुआ महसूस करते हैं। शिकायत के बाद भी मरम्मत नहीं नवादा के डीएम रवि प्रकाश का कहना है कि पिछले महीने चापाकल मरम्मती दल को सभी 14 प्रखंडों के लिए रवाना किया था।हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय उदासीनता के कारण शिकायत के बावजूद मरम्मती दल चटकरी गांव नहीं पहुंचा है। प्रशासनिक अधिकारियों का क्या कहना है ? इस संबंध में बीडीओ संजीव झा ने बताया कि रजौली प्रखंड में चापाकल मरम्मती दल ने सबसे पहले सवैयाटांड़ पंचायत से ही खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत शुरू की थी। उन्होंने कहा कि पीएचईडी को मरम्मत के लिए पुनः आवश्यक निर्देश दिए गए हैं और आश्वासन दिया कि खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत जल्द कर दी जाएगी, ताकि ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मिल सके। नवादा के रजौली प्रखंड के अंतर्गत आने वाले सुदूरवर्ती सवैयाटांड़ पंचायत में गर्मी के शुरू होने के साथ ही पीने के पीनी का संकट भी शुरू हो गया। गांव के चापाकल सूख चुके हैं, हालात ऐसे बन गए हैं कि लोग अपनी प्यास बुझाने के लिए तालाबों के गंदे पानी का सहारा ले रहे हैं। लोगों का कहना है कि यहां पर नल जल योजना ठप पड़ी है। ये हाल के केवल सुदूरवर्ती सवैयाटांड़ पंचायत की ही नहीं बल्कि लकडीहा, सिमरातरी, बसरौन और बाराटांड़ सहित कई गांवों की है। आरोप है कि नल जल योजना के तहत जल मीनारें और पाइपलाइन बिछाई गई थीं, लेकिन ये व्यवस्थाएं महीनों से ठप पड़ी हैं। इस समस्या के पीछे क्या है वजह ? चटकरी गांव के ब्रह्मदेव सिंह, सुरेश सिंह, भोला तुरिया, सनोज तुरिया, पिंटू साव, फुलवा देवी, संगीता देवी और रेखा देवी ने बताया कि गांव की प्रखंड मुख्यालय से दूरी मात्र 22 किलोमीटर है, लेकिन बुढ़ियासाख से खराब सड़क होने के कारण नल-जल योजना की पाइपलाइन झारखंड के कोडरमा होकर बिछाई गई है। इस वजह से दूरी बढ़कर करीब 80 किलोमीटर हो जाती है। ग्रामीणों ने कहा कि भौगोलिक बाधाओं के कारण सरकारी कल्याणकारी योजनाएं यहां प्रभावी ढंग से नहीं पहुंच पा रही हैं। उनका कहना है कि यही वजह है कि वे लोग खुद को नवादा से कटा हुआ महसूस करते हैं। शिकायत के बाद भी मरम्मत नहीं नवादा के डीएम रवि प्रकाश का कहना है कि पिछले महीने चापाकल मरम्मती दल को सभी 14 प्रखंडों के लिए रवाना किया था।हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय उदासीनता के कारण शिकायत के बावजूद मरम्मती दल चटकरी गांव नहीं पहुंचा है। प्रशासनिक अधिकारियों का क्या कहना है ? इस संबंध में बीडीओ संजीव झा ने बताया कि रजौली प्रखंड में चापाकल मरम्मती दल ने सबसे पहले सवैयाटांड़ पंचायत से ही खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत शुरू की थी। उन्होंने कहा कि पीएचईडी को मरम्मत के लिए पुनः आवश्यक निर्देश दिए गए हैं और आश्वासन दिया कि खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत जल्द कर दी जाएगी, ताकि ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मिल सके।


