समालखा में प्रॉपर्टी के नाम पर 2.30 करोड़ की ठगी:10 गुना मुनाफे का दिया झांसा, फर्जी जमीन पर किया सौदा, तीन पर केस दर्ज

समालखा में प्रॉपर्टी के नाम पर 2.30 करोड़ की ठगी:10 गुना मुनाफे का दिया झांसा, फर्जी जमीन पर किया सौदा, तीन पर केस दर्ज

पानीपत के समालखा में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक स्वीट्स शॉप संचालक से 2 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की गई। आरोपियों ने पीड़ित को प्रॉपर्टी में निवेश करने पर रकम को दो साल में 10 गुना करने का लालच दिया था। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने पुलिस को शिकायत दी, जिसके बाद तीन नामजद और अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। शिकायतकर्ता शमशेर, जो भापरा रोड पर आर.एस. स्वीट्स चलाते हैं, ने बताया कि उनकी जान-पहचान गैस सिलेंडर सप्लाई करने वाले राजेश नाम के व्यक्ति से हुई थी। राजेश ने ही उन्हें अनिल और अन्य साथियों से मिलवाया। आरोपियों ने दावा किया कि वे उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक बड़ी कॉलोनी विकसित कर रहे हैं। उन्होंने शमशेर को वहां जमीन दिखाई और बड़ी कमाई का भरोसा दिलाकर निवेश के लिए राजी कर लिया। रुपए और सोना लिया, फिर करने लगे टालमटोल आरोपियों के झांसे में आकर शमशेर ने धीरे-धीरे नकद, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और सोने के रूप में कुल 2 करोड़ 3 लाख 46 हजार रुपये ठगों को सौंप दिए। यह भारी-भरकम रकम वसूलने के बाद भी आरोपी जमीन की रजिस्ट्री करने में टालमटोल करते रहे। यहाँ तक कि जनवरी-फरवरी 2026 में भी आरोपियों ने और पैसा लिया, लेकिन जमीन शमशेर के नाम नहीं की। जांच में जमीन के दस्तावेज निकले फर्जी जब शमशेर ने जमीन के कागजातों की गहराई से जांच की, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्हें पता चला कि जिस कॉलोनी और दस्तावेजों के नाम पर उनसे करोड़ों रुपये लिए गए, वे पूरी तरह फर्जी थे। धोखाधड़ी का शिकार होने के बाद शमशेर ने समालखा थाना पुलिस को लिखित शिकायत दी और अपनी मेहनत की कमाई वापस दिलाने की गुहार लगाई। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दी जा रही दबिश समालखा थाना प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 406 (अमानत में खयानत) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस ने पीड़ित से लेनदेन और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े सबूत भी मांगे हैं ताकि दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके।

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