अमृतसर में खालिस्तान एलाननामा की 40वीं वर्षगांठ पर मार्च:कई पंथक जत्थेबंदियों ने हिस्सा लिया, दल खालसा ने नारेबाजी की; SGPC चुनाव की मांग उठाई

अमृतसर में खालिस्तान एलाननामा की 40वीं वर्षगांठ पर मार्च:कई पंथक जत्थेबंदियों ने हिस्सा लिया, दल खालसा ने नारेबाजी की; SGPC चुनाव की मांग उठाई

अमृतसर में खालिस्तान एलाननामा की 40वीं वर्षगांठ पर दल खालसा ने अकाल तख्त साहिब तक मार्च निकाला। इस दौरान खालिस्तान के समर्थन में नारे लगाए गए और अरदास की गई। मार्च में कई पंथक जत्थेबंदियों ने हिस्सा लिया। यह मार्च बुरज अकाली फूला सिंह से शुरू हुआ। इसमें दल खालसा, शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर), पंच प्रधानि जत्था और जत्थेदार हवारा कमेटी सहित चार प्रमुख पंथक जत्थेबंदियां शामिल थीं।मार्च के बाद अकाल तख्त साहिब में अरदास की गई। इसके उपरांत शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान ने मीडिया से बात करते हुए SGPC चुनाव जल्द करवाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि सिख कौम की जम्हूरियत बहाल करने के लिए चुनाव आवश्यक हैं।मान ने आरोप लगाया कि सरकारें और बड़ी राजनीतिक पार्टियां सिखों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चुप हैं। उन्होंने देश-विदेश में सिखों से जुड़ी घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों से जवाबदेही तय करने की बात भी कही। विदेश में बसे सिखों से मिला समर्थन दल खालसा के प्रवक्ता कंवरपाल सिंह बिट्टू ने बताया कि खालिस्तान आंदोलन को न केवल पंजाब बल्कि विदेशों में बसे सिखों का भी समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि सिख डायस्पोरा ने इस विचार और संघर्ष को आज तक जीवित रखा है। बिट्टू ने 1986 में जारी किए गए दस्तावेज की भावना के अनुरूप दुनिया के देशों से खालिस्तान को मान्यता देने की अपील दोहराई। उन्होंने यह भी बताया कि विभिन्न क्षेत्रों में अपनी स्वतंत्रता के लिए संघर्ष कर रही कौमों के साथ संपर्क और तालमेल बनाए रखने का निर्णय लिया गया है। कंवरपाल सिंह बिट्टू ने जानकारी दी कि वे 3 तारीख को अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार द्वारा बुलाई गई बैठक में अपना पक्ष रखेंगे। इस समागम में बड़ी संख्या में पंथक नेता और समर्थक मौजूद रहे।

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