लखीसराय में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता-सह-अनुश्रवण समिति (DLVMC) की बैठक जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा की गई और पीड़ितों को दी जाने वाली सहायता राशि पर विस्तार से चर्चा की गई। साल में चार बार होनी है बैठक जिला कल्याण पदाधिकारी राजीव रंजन कुमार ने समिति को जानकारी दी कि नियमों के अनुसार इस समिति की बैठक प्रत्येक वर्ष चार बार आयोजित की जानी है, और यह वर्तमान वर्ष की दूसरी बैठक थी। समीक्षा के दौरान बताया गया कि अधिनियम के तहत दर्ज कुल 25 प्राथमिकियों में से 23 मामलों में पीड़ितों को निर्धारित सहायता राशि का भुगतान कर दिया गया है। शेष दो मामलों में आवंटन की कमी के कारण भुगतान लंबित है, जिसे आवंटन प्राप्त होते ही पूरा कर लिया जाएगा। बैठक में प्राप्त 52 आरोप पत्रों से संबंधित मामलों का भी अनुमोदन किया गया। कमजोर वर्गों को अधिकारों की जानकारी हो जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों को उनके अधिकारों की जानकारी होना आवश्यक है, ताकि जरूरत पड़ने पर वे कानूनी सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। पुनर्वास अधिनियम से संबंधित विषयों पर समीक्षा बैठक के दौरान मैनुअल स्कैवेंजर रोजगार निषेध एवं पुनर्वास अधिनियम से संबंधित विषयों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने संबंधित योजनाओं और प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अपर समाहर्ता नीरज कुमार, उप विकास आयुक्त सुमित कुमार, श्रम अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय विश्वजीत कुमार सिंह, आशुतोष आनंद चौधरी, अमरेंद्र कुमार सिंह सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। अधिकारियों ने अधिनियमों के प्रभावी क्रियान्वयन और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए समन्वित प्रयास जारी रखने पर बल दिया। लखीसराय में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता-सह-अनुश्रवण समिति (DLVMC) की बैठक जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा की गई और पीड़ितों को दी जाने वाली सहायता राशि पर विस्तार से चर्चा की गई। साल में चार बार होनी है बैठक जिला कल्याण पदाधिकारी राजीव रंजन कुमार ने समिति को जानकारी दी कि नियमों के अनुसार इस समिति की बैठक प्रत्येक वर्ष चार बार आयोजित की जानी है, और यह वर्तमान वर्ष की दूसरी बैठक थी। समीक्षा के दौरान बताया गया कि अधिनियम के तहत दर्ज कुल 25 प्राथमिकियों में से 23 मामलों में पीड़ितों को निर्धारित सहायता राशि का भुगतान कर दिया गया है। शेष दो मामलों में आवंटन की कमी के कारण भुगतान लंबित है, जिसे आवंटन प्राप्त होते ही पूरा कर लिया जाएगा। बैठक में प्राप्त 52 आरोप पत्रों से संबंधित मामलों का भी अनुमोदन किया गया। कमजोर वर्गों को अधिकारों की जानकारी हो जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों को उनके अधिकारों की जानकारी होना आवश्यक है, ताकि जरूरत पड़ने पर वे कानूनी सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। पुनर्वास अधिनियम से संबंधित विषयों पर समीक्षा बैठक के दौरान मैनुअल स्कैवेंजर रोजगार निषेध एवं पुनर्वास अधिनियम से संबंधित विषयों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने संबंधित योजनाओं और प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अपर समाहर्ता नीरज कुमार, उप विकास आयुक्त सुमित कुमार, श्रम अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय विश्वजीत कुमार सिंह, आशुतोष आनंद चौधरी, अमरेंद्र कुमार सिंह सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। अधिकारियों ने अधिनियमों के प्रभावी क्रियान्वयन और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए समन्वित प्रयास जारी रखने पर बल दिया।


