मार्बल उद्योग की समस्याओं पर पहली बार एक मंच पर जुटे सांसद, अफसर और उद्यमी

मार्बल उद्योग की समस्याओं पर पहली बार एक मंच पर जुटे सांसद, अफसर और उद्यमी

उदयपुर. एशिया की सबसे बड़ी मार्बल निर्यात मंडी की वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान की दिशा में मंगलवार को महत्वपूर्ण पहल हुई। सांसद मन्नालाल रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मार्बल उद्यमियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने उद्योग की चुनौतियों और संभावित समाधानों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में पहली बार जिला उद्योग केंद्र, रीको, प्रदूषण नियंत्रण मंडल, एवीवीएनएल, यूडीए, नगर निगम और राजस्थान वित्त निगम के अधिकारी एक साथ मौजूद रहे।उदयपुर मार्बल प्रोसेसर्स समिति के अध्यक्ष डॉ. हितेष पटेल ने बताया कि उदयपुर की मार्बल मंडी हजारों करोड़ रुपए के कारोबार और लाखों लोगों के रोजगार का आधार है, लेकिन भूमि, बिजली, आधारभूत सुविधाओं और प्रशासनिक अनुमतियों से जुड़ी समस्याओं के कारण उद्योग का विस्तार प्रभावित हो रहा है।

साकरोदा में 183 एकड़ का मार्बल क्लस्टर प्रस्तावित

बैठक में रीको अधिकारियों ने साकरोदा क्षेत्र में 183 एकड़ भूमि पर आधुनिक मार्बल क्लस्टर विकसित करने का प्रस्ताव रखा। प्रस्तावित क्लस्टर में बेहतर सड़क नेटवर्क, पार्किंग, विद्युत और अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उद्यमियों ने कम दरों पर भूमि आवंटन की मांग दोहराते हुए इस योजना को शीघ्र लागू करने की आवश्यकता बताई।

400 केवी जीएसएस से दूर होगी बिजली संकट की समस्या

समिति उपाध्यक्ष रमेश जैन ने मार्बल मंडी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की समस्याओं का मुद्दा उठाया। इस पर एवीवीएनएल अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित 400 केवी जीएसएस का निर्माण कार्य प्रगति पर है और इसके अगले वर्ष तक शुरू होने की संभावना है। इसके चालू होने से उद्योग क्षेत्र को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली उपलब्ध हो सकेगी।

स्थानीय उद्योग और रोजगार पर पड़ रहा असर

समिति के पूर्व अध्यक्ष दिलीप तलेसरा और कलित भंडारी ने कहा कि विदेशी मार्बल के बढ़ते आयात से स्थानीय उद्योगों को नुकसान हो रहा है। बड़ी मात्रा में विदेशी मार्बल के आयात से भारतीय मार्बल आधारित कुटीर उद्योग प्रभावित हुए हैं और रोजगार के अवसर भी कम हुए हैं। उद्यमियों ने आयात नीति की समीक्षा की मांग उठाई।

30 साल पुरानी अवाप्त भूमि समस्या भी उठी

पूर्व अध्यक्ष शरत कटारिया ने भुवाणा-चित्रकूट क्षेत्र की अवाप्त भूमि का मुद्दा उठाते हुए बताया कि तीन दशक से उद्योग इस समस्या से जूझ रहे हैं। भूमि संबंधी विवादों के कारण बैंकिंग, वित्तीय सुविधाओं और नए निवेश में कठिनाइयां आ रही हैं। सांसद मन्नालाल रावत ने इस विषय को राज्य स्तर पर उठाने और समाधान के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया। बैठक के दौरान सांसद मन्नालाल रावत ने कहा कि मार्बल उद्योग केवल उदयपुर ही नहीं बल्कि राजस्थान की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ है। उद्योग की समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय स्तर से लेकर राज्य और केंद्र सरकार तक आवश्यक पहल की जाएगी।

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