Parveen Qureshi: कौन हैं परवीन कुरैशी? अतीक के बेटे अबान का शव इस महिला के घर रखा गया, आखिरी यात्रा से पहले फिर चर्चा में आया नाम

Parveen Qureshi: कौन हैं परवीन कुरैशी? अतीक के बेटे अबान का शव इस महिला के घर रखा गया, आखिरी यात्रा से पहले फिर चर्चा में आया नाम

Ateeq Ahmed Family News: प्रयागराज में अबान अहमद की मौत के बाद परिवार में गम का माहौल है। गुरुवार को सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अबान का शव उसकी बुआ परवीन कुरैशी के हटवा स्थित घर पर रखा गया। अबान का अंतिम संस्कार कसारी-मसारी कब्रिस्तान में किया जाना है। बड़े भाई अली और उमर को हाईकोर्ट से पैरोल मिलने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया उनके प्रयागराज पहुंचने के इंतजार में रखी गई।

कौन हैं परवीन कुरैशी?

अबान की बुआ परवीन कुरैशी अतीक अहमद की बहन हैं। पिछले कुछ वर्षों में वह परिवार के मुश्किल दौर में कई बार चर्चा में आईं। उमेश पाल हत्याकांड के बाद अतीक अहमद के परिवार पर कानूनी कार्रवाई का दौर शुरू हुआ। इसी दौरान अतीक और शाइस्ता परवीन के नाबालिग बेटों अहजम और अबान की देखरेख की जिम्मेदारी भी परवीन कुरैशी के पास आई थी। जानकारी के मुताबिक, परवीन प्रयागराज के पुरामुफ्ती इलाके के हटवा गांव में रहती हैं। पिछले करीब दो साल से अबान उनके साथ रह रहा था। हादसे के बाद जब अबान का शव उनके घर पहुंचा तो आसपास के लोग भी वहां जुट गए।

भाई से मिलने निकला था अबान, रास्ते में हुआ हादसा

अबान अपने बड़े भाई अली अहमद से मिलने के लिए झांसी जा रहा था। बताया गया है कि वह करीब हर 15 दिन में अली से मिलने जेल जाता था। 6 अगस्त को भी वह प्रयागराज से झांसी के लिए निकला था। रास्ते में कार हादसे में अबान और उसके साथी सोनू अहमद की मौत हो गई, जबकि कार में सवार अन्य लोग घायल हुए। पोस्टमार्टम के बाद अबान का शव प्रयागराज लाया गया और हटवा गांव स्थित बुआ के घर रखा गया। यहीं से उसकी अंतिम यात्रा निकाली जानी है।

अब भाई ही अंतिम विदाई देने पहुंच रहे

अबान की मौत के बाद उसके बड़े भाई अली और उमर को अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैरोल मिली है। दोनों अलग-अलग जेलों से कड़ी सुरक्षा के बीच प्रयागराज लाए जा रहे हैं। हाईकोर्ट ने पैरोल के दौरान कई शर्तें भी रखी हैं, जिनमें मीडिया से बातचीत और सार्वजनिक गतिविधियों पर रोक शामिल है। अबान को कसारी-मसारी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किए जाने की तैयारी पहले ही पूरी की जा चुकी है। परिवार के लिए यह अंतिम विदाई इसलिए भी भावुक है क्योंकि जिस भाई से मिलने अबान झांसी जा रहा था, अब वही भाई उसकी अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए जेल से बाहर आ रहा है।

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