नीट परीक्षा में पेपर लीक और इसे रद्द करने के मुद्दे पर राजनीतिक व सामाजिक संगठन मुखर हो रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने इसे “युवाओं के भविष्य पर हमला” बताया है। संगठन के जिला प्रवक्ता एडवोकेट मोहम्मद इकबाल ने एक प्रेस वार्ता में सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक से मेहनती छात्रों का भरोसा टूटा है। लाखों छात्र दिन-रात प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक माफिया उनकी मेहनत पर पानी फेर देते हैं। इकबाल ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार और लापरवाही बढ़ रही है, जबकि सरकार दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है। भाकियू टिकैत ने मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि यदि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं रुका, तो संगठन छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा, “जब मेहनत करने वाले युवाओं को न्याय नहीं मिलेगा, तो देश का भरोसा भी कमजोर होगा।”


