लखीमपुर खीरी में पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन की जनपद शाखा ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। इस ज्ञापन में पंचायत सहायकों ने मानदेय बढ़ाने, स्थायी सेवा नियमावली लागू करने और रिक्त पदों पर आरक्षण सहित पांच सूत्रीय मांगें रखी हैं। यूनियन ने ज्ञापन में बताया कि पंचायत सहायक ग्राम पंचायतों में डिजिटल सेवाओं, प्रशासनिक कार्यों और सरकारी योजनाओं को ग्रामीणों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद, उन्हें वर्तमान में केवल छह हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। यूनियन का तर्क है कि मौजूदा महंगाई के दौर में यह मानदेय परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा और चिकित्सा जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए अपर्याप्त है। पंचायत सहायकों की प्रमुख मांगों में मानदेय बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह करना या न्यूनतम कुशल मजदूरी दर लागू करना शामिल है। इसके अलावा उन्होंने अनुबंध व्यवस्था समाप्त कर स्थायी सेवा नियमावली बनाने, स्थानांतरण एवं समायोजन नीति लागू करने, ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी के रिक्त पदों पर भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण देने तथा पंचायत सहायकों एवं उनके परिवारों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने की मांग की है। जिला अध्यक्ष आशीष चौधरी और अन्य पदाधिकारियों ने सरकार से पंचायत सहायकों की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेश भर के पंचायत सहायक 15 जून को लखनऊ के ईको गार्डन में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करेंगे।


