‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने का आग्रह करते हैं, लेकिन उनकी सरकार और काफिला सबसे अधिक ईंधन का उपयोग करता है। जो मोदी जी बोलते हैं, वह खुद नहीं करते हैं। देश में सबसे लंबा काफिला प्रधानमंत्री और उनके मंत्रिमंडल का चलता है। सबसे ज्यादा पेट्रोल और डीजल की खपत भी वहीं होती है। आम जनता तो टेंपो, बाइक और रिक्शा से चलने वाली है।’ जहानाबाद सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव बुधवार को गयाजी में एक निजी रिसॉर्ट के उद्घाटन समारोह में ये बातें कही। यादव ने आरोप लगाया कि सरकार आम लोगों को बचत का संदेश दे रही है, जबकि बड़े स्तर पर सरकारी खर्च लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने सोने-चांदी की खरीद पर प्रधानमंत्री की अपील पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मुझे नहीं लगता कि पूरे हिंदुस्तान में अंबानी और अडानी से ज्यादा सोना किसी के पास होगा। ‘सरकार की नीतियां बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई जा रही’ सांसद ने दावा किया कि सरकार की नीतियां बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई जा रही हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग आर्थिक दबाव झेल रहा है। प्रधानमंत्री की जीवनशैली पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि चाय बेचने वाला इंसान अगर रोज करोड़ों रुपये का ड्रेस नहीं बदलेगा तो उसे नींद नहीं आएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि करोड़ों रुपये खर्च कर चलने वाली व्यवस्था अब आम जनता को सादगी और बचत का उपदेश दे रही है। ‘प्रधानमंत्री खुद बेचैन हैं और देश की जनता को भी बेचैन कर दिया है’ बातचीत के दौरान सुरेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि मैं उनका नाम बेचैन भारत रखता हूं। प्रधानमंत्री खुद बेचैन हैं और देश की जनता को भी बेचैन कर दिया है। सांसद ने कोरोना काल का जिक्र करते हुए भी विवादित बयान दिया। सांसद ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान देश में ऐसी स्थिति बनाई गई जिससे बड़े लोगों को फायदा मिला। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं किया। सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में धर्म और मंदिर-मस्जिद के नाम पर लोगों को बांटने की राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान शासनकाल में ऐसा कोई दिन नहीं गुजरता जब किसी न किसी मुद्दे पर तनाव या विवाद की स्थिति नहीं बनती हो। सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव के बयान के बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच काफी चर्चा देखने को मिली। समर्थकों ने उनके बयान का समर्थन किया, जबकि भाजपा समर्थकों ने इसे राजनीतिक हताशा और गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी बताया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार में आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है। ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने का आग्रह करते हैं, लेकिन उनकी सरकार और काफिला सबसे अधिक ईंधन का उपयोग करता है। जो मोदी जी बोलते हैं, वह खुद नहीं करते हैं। देश में सबसे लंबा काफिला प्रधानमंत्री और उनके मंत्रिमंडल का चलता है। सबसे ज्यादा पेट्रोल और डीजल की खपत भी वहीं होती है। आम जनता तो टेंपो, बाइक और रिक्शा से चलने वाली है।’ जहानाबाद सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव बुधवार को गयाजी में एक निजी रिसॉर्ट के उद्घाटन समारोह में ये बातें कही। यादव ने आरोप लगाया कि सरकार आम लोगों को बचत का संदेश दे रही है, जबकि बड़े स्तर पर सरकारी खर्च लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने सोने-चांदी की खरीद पर प्रधानमंत्री की अपील पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मुझे नहीं लगता कि पूरे हिंदुस्तान में अंबानी और अडानी से ज्यादा सोना किसी के पास होगा। ‘सरकार की नीतियां बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई जा रही’ सांसद ने दावा किया कि सरकार की नीतियां बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई जा रही हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग आर्थिक दबाव झेल रहा है। प्रधानमंत्री की जीवनशैली पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि चाय बेचने वाला इंसान अगर रोज करोड़ों रुपये का ड्रेस नहीं बदलेगा तो उसे नींद नहीं आएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि करोड़ों रुपये खर्च कर चलने वाली व्यवस्था अब आम जनता को सादगी और बचत का उपदेश दे रही है। ‘प्रधानमंत्री खुद बेचैन हैं और देश की जनता को भी बेचैन कर दिया है’ बातचीत के दौरान सुरेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि मैं उनका नाम बेचैन भारत रखता हूं। प्रधानमंत्री खुद बेचैन हैं और देश की जनता को भी बेचैन कर दिया है। सांसद ने कोरोना काल का जिक्र करते हुए भी विवादित बयान दिया। सांसद ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान देश में ऐसी स्थिति बनाई गई जिससे बड़े लोगों को फायदा मिला। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं किया। सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में धर्म और मंदिर-मस्जिद के नाम पर लोगों को बांटने की राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान शासनकाल में ऐसा कोई दिन नहीं गुजरता जब किसी न किसी मुद्दे पर तनाव या विवाद की स्थिति नहीं बनती हो। सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव के बयान के बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच काफी चर्चा देखने को मिली। समर्थकों ने उनके बयान का समर्थन किया, जबकि भाजपा समर्थकों ने इसे राजनीतिक हताशा और गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी बताया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार में आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है।


