हिसार जिले में आर्य नगर के हिन्दवान मोड़ पर ड्रेन समस्या को लेकर बुधवार को किसानों और ग्रामीणों ने महापंचायत का आयोजन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने करीब 20 मिनट तक रास्ता जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। महापंचायत में पिछले बरसाती सीजन में ड्रेन ओवरफ्लो होने और कई जगह टूटने के कारण मुक्लान, टोकस, पाटन, आर्य नगर, शाहपुर और मात्रश्याम सहित कई गांवों में छह महीने तक गंदा पानी भरने का मुद्दा उठाया गया। जिला पार्षद प्रतिनिधि संदीप धीरणवास ने बताया कि जलभराव के कारण लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी हुई, बीमारियों का खतरा बढ़ा और किसानों की फसलें भी बुरी तरह प्रभावित हुईं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने अब तक ड्रेन की पर्याप्त सफाई और खुदाई नहीं करवाई है। पानी की निकासी न होने पर बाढ़ जैसे हालात की आंशका महापंचायत में यह आशंका जताई गई कि ड्रेन कच्ची होने और पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने से आगामी बरसात में फिर से बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। लोगों ने सिरसा पंप हाउस बनाने, ड्रेन को पक्का करवाने और समस्या के स्थायी समाधान की मांग की। मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के अधिकारी आनंद श्योराण और एसडीओ वीरेंद्र ढांढा ने ग्रामीणों से बातचीत की। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कई गांवों के किसान- ग्रामीण हुए शामिल इस महापंचायत में आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे। इनमें पूर्व विधायक बलवान पुनिया, कामरेड इंद्रजीत, कपूर बागला, सुमित दलाल, दिनेश सिवाच, संदीप धीरणवास, जिला पार्षद आशीष कुक्की, जिला पार्षद सत्यनारायण तथा आदमपुर विधायक चंद्रप्रकाश सहित कई किसान नेता और ग्रामीण शामिल थे। सिंचाई विभाग हिसार के एक्सईएन आनंद श्योराण ने बताया कि वीरवार से ड्रेन की सफाई शुरू कर दी जाएगी और 15 जून से पहले यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ड्रेन के तटबंध मजबूत किए जाएंगे और सिरसा पंप हाउस के निर्माण के लिए आगामी बैठक में बातचीत की जाएगी। ग्रामीणों की समस्या दूर करने के हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।


