खगड़िया में DM का कई प्रखंडों में औचक निरीक्षण:आंगनबाड़ी-स्कूल और PDS दुकानों की जांच, नल-जल योजना की खामियां पकड़ीं

खगड़िया में DM का कई प्रखंडों में औचक निरीक्षण:आंगनबाड़ी-स्कूल और PDS दुकानों की जांच, नल-जल योजना की खामियां पकड़ीं

खगड़िया जिले में जिलाधिकारी नवीन कुमार ने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए कई प्रखंडों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मानसी, परबत्ता, गोगरी और चौथम प्रखंडों में संचालित विभिन्न योजनाओं का जायजा लिया। उनके अचानक पहुंचने से संबंधित विभागों में सक्रियता देखी गई। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों, सरकारी विद्यालयों, जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों और ‘हर घर नल का जल’ योजना सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की जांच की। उन्होंने योजनाओं से संबंधित अभिलेखों की समीक्षा की और आम लोगों से सीधे संवाद कर सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया। कुपोषित बच्चों की स्थिति का जायजा लिया
आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण में डीएम ने बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार, उपस्थिति पंजी, साफ-सफाई और कुपोषित बच्चों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सेविकाओं को निर्देश दिए कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं को सरकार द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएं समय पर मिलें। कुछ केंद्रों पर उन्होंने बच्चों से भी बातचीत की। सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों की उपस्थिति, छात्रों की संख्या, मध्याह्न भोजन योजना और परिसर की साफ-सफाई की जांच की गई। जिलाधिकारी ने छात्रों से पढ़ाई संबंधी प्रश्न पूछकर शिक्षा की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने और लापरवाही पर कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए। पारदर्शिता की स्थिति की समीक्षा की गई
जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों की जांच में राशन वितरण व्यवस्था, स्टॉक रजिस्टर, लाभुकों को मिलने वाले खाद्यान्न और पारदर्शिता की स्थिति की समीक्षा की गई। डीएम ने लाभुकों से सीधे बातचीत कर राशन की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की। उन्होंने जोर दिया कि गरीबों के अधिकारों का हनन स्वीकार्य नहीं होगा। वहीं नल-जल योजना की समीक्षा के दौरान कई स्थानों पर जलापूर्ति व्यवस्था, पाइपलाइन, मोटर संचालन एवं पानी की उपलब्धता की स्थिति का निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां कहीं भी तकनीकी खराबी या जलापूर्ति में समस्या है, उसे तत्काल दुरुस्त किया जाए ताकि आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने का निर्देश दिया
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इस दौरान उप विकास आयुक्त श्वेता भारती, अपर समाहर्ता आरती, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन विजयंत कुमार सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रशासनिक टीम लगातार योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करती नजर आई। डीएम नवीन कुमार के इस औचक निरीक्षण से संबंधित विभागों में जवाबदेही बढ़ी है। वहीं ग्रामीणों में भी उम्मीद जगी है कि प्रशासन की इस सक्रियता से योजनाओं के संचालन में सुधार होगा और सरकारी योजनाओं का लाभ सही मायनों में जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सकेगा। खगड़िया जिले में जिलाधिकारी नवीन कुमार ने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए कई प्रखंडों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मानसी, परबत्ता, गोगरी और चौथम प्रखंडों में संचालित विभिन्न योजनाओं का जायजा लिया। उनके अचानक पहुंचने से संबंधित विभागों में सक्रियता देखी गई। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों, सरकारी विद्यालयों, जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों और ‘हर घर नल का जल’ योजना सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की जांच की। उन्होंने योजनाओं से संबंधित अभिलेखों की समीक्षा की और आम लोगों से सीधे संवाद कर सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया। कुपोषित बच्चों की स्थिति का जायजा लिया
आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण में डीएम ने बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार, उपस्थिति पंजी, साफ-सफाई और कुपोषित बच्चों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सेविकाओं को निर्देश दिए कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं को सरकार द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएं समय पर मिलें। कुछ केंद्रों पर उन्होंने बच्चों से भी बातचीत की। सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों की उपस्थिति, छात्रों की संख्या, मध्याह्न भोजन योजना और परिसर की साफ-सफाई की जांच की गई। जिलाधिकारी ने छात्रों से पढ़ाई संबंधी प्रश्न पूछकर शिक्षा की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने और लापरवाही पर कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए। पारदर्शिता की स्थिति की समीक्षा की गई
जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों की जांच में राशन वितरण व्यवस्था, स्टॉक रजिस्टर, लाभुकों को मिलने वाले खाद्यान्न और पारदर्शिता की स्थिति की समीक्षा की गई। डीएम ने लाभुकों से सीधे बातचीत कर राशन की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की। उन्होंने जोर दिया कि गरीबों के अधिकारों का हनन स्वीकार्य नहीं होगा। वहीं नल-जल योजना की समीक्षा के दौरान कई स्थानों पर जलापूर्ति व्यवस्था, पाइपलाइन, मोटर संचालन एवं पानी की उपलब्धता की स्थिति का निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां कहीं भी तकनीकी खराबी या जलापूर्ति में समस्या है, उसे तत्काल दुरुस्त किया जाए ताकि आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने का निर्देश दिया
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इस दौरान उप विकास आयुक्त श्वेता भारती, अपर समाहर्ता आरती, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन विजयंत कुमार सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रशासनिक टीम लगातार योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करती नजर आई। डीएम नवीन कुमार के इस औचक निरीक्षण से संबंधित विभागों में जवाबदेही बढ़ी है। वहीं ग्रामीणों में भी उम्मीद जगी है कि प्रशासन की इस सक्रियता से योजनाओं के संचालन में सुधार होगा और सरकारी योजनाओं का लाभ सही मायनों में जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सकेगा।  

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