थार की टक्कर से ओला-उबर बाइक चालक की मौत:महात्मा-गांधी के एमबीबीएस स्टूडेंट ने गाड़ी से 150 मीटर तक घसीटा; परिजनों ने पोस्टमार्टम पर उठाए सवाल

थार की टक्कर से ओला-उबर बाइक चालक की मौत:महात्मा-गांधी के एमबीबीएस स्टूडेंट ने गाड़ी से 150 मीटर तक घसीटा; परिजनों ने पोस्टमार्टम पर उठाए सवाल

जयपुर के जगतपुरा क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 28 वर्षीय राकेश मीणा की मौत हो गई। परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि तेज रफ्तार थार ने ओला-उबर बाइक चालक को टक्कर मारने के बाद करीब 150 मीटर तक घसीटा। हादसे के बाद मृतक के परिवार ने चालक पर शराब के नशे में वाहन चलाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और गिरफ्तारी की मांग की है। जानकारी के अनुसार, दौसा निवासी राकेश मीणा अपने परिवार के साथ जगतपुरा स्थित आरती नगर में रह रहा था और देर रात कुंभा मार्ग से बॉम्बे हॉस्पिटल की ओर जा रहा था। इसी दौरान अक्षयपात्र चौराहे के पास तेज गति से आई थार ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल राकेश को महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने पकड़े आरोपी हादसे के समय दूसरी ओर से गुजर रहे अमर सिंह और सूर्यांश तंवर ने पीछा कर थार सवार युवकों को रोक लिया। दोनों का आरोप है कि वाहन में सवार तीन युवक नशे में थे और गाड़ी में बीयर की बोतलें तथा केन रखी हुई थीं। एमबीबीएस छात्र पर आरोप परिजनों और मददगार युवकों का आरोप है कि थार चला रहा युवक महात्मा गांधी अस्पताल का एमबीबीएस छात्र है। वहीं शिवदासपुरा थाना प्रभारी मनोहर ने भी बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वाहन चला रहा युवक एमबीबीएस का छात्र है। अस्पताल में हंगामे का आरोप हादसे के बाद करीब आठ अन्य लोग भी महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचे। उनका आरोप है कि अस्पताल में आरोपी पक्ष और उनके साथियों ने गाली-गलौज और हाथापाई की। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा। पांच दिन पहले ही परिवार के साथ आया था जयपुर मृतक राकेश मीणा मूल रूप से दौसा जिले का रहने वाला था। वह कुछ समय से ब्यावर में रहकर परिवार का भरण-पोषण कर रहा था और मात्र पांच दिन पहले ही पत्नी और दो बेटों के साथ जयपुर शिफ्ट हुआ था। राकेश के दो पुत्र हैं—आठ वर्षीय दक्ष और चार वर्षीय कृष्णा। पोस्टमार्टम पर उठाए सवाल राकेश की बड़ी बहन ज्योति मीणा ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम से पहले शव के साथ छेड़छाड़ की गई। उनका दावा है कि जेएनयू अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान परिजनों ने सिर पर कट और अन्य निशान देखे, जिन्हें लेकर परिवार ने संदेह जताया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हादसे की सूचना परिजनों को देर से दी गई और शव की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। पिता बोले—न्याय नहीं मिला तो होगा घेराव मृतक के पिता मुरलीधर मीणा ने कहा कि यदि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई और दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो परिवार पुलिस थाने और अस्पताल का घेराव करेगा। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस जांच जारी रामनगरिया थाने में मृतक के पिता की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने हादसे में शामिल थार वाहन को जब्त कर लिया है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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