भारत आ रहे तेल टैंकर ने होर्मुज जलडमरूमध्य को किया पार, ट्रंप ने क्यों दी ओमान को हमले की धमकी ?

भारत आ रहे तेल टैंकर ने होर्मुज जलडमरूमध्य को किया पार, ट्रंप ने क्यों दी ओमान को हमले की धमकी ?

Middle East Crisis: भारत के लिए मिडिल ईस्ट से पेट्रोलियम लेकर आ रहा एक जहाज होर्मुज स्ट्रेट को पार कर चुका है। यह जहाज तीन जून को विशाखापट्टनम पहुंचेगा। मारशल आईलैंड के झंडे वाला यह जहाज 21 मई को यूएई के शारजहा से तेल लेकर रवाना हुआ था। शुक्रवार सुबह 6 बजे भारतीय समय के अनुसार इसे भारत के पश्चिमी तट के पास उत्तरी अरब सागर में देखा गया। निसोस केरोस नाम का यह जहजा 333 मीटर लंबा है और इसकी क्षमता 3,18,744 टन या 3,38,648 घन मीटर है।

IRGC के साथ समन्वय बिठाकर जहाज पार कर रहे होर्मुज

ईरानी समाचार एजेंसी IRNA ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने पिछले 24 घंटों में 23 वाणिज्यिक जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी, जिनमें तेल टैंकर और कंटेनर जहाज शामिल हैं। ईरानी मीडिया ने कहा कि सभी जहाजों की आवाजाही इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स नौसेना अधिकारियों के साथ औपचारिक समन्वय के बाद हुई।

हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने के लिए कोई शुल्क दिया गया है कि नहीं। क्योंकि, ईरान पहले ही कह चुका है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए शुल्क ले सकता है। इसी महीने ईरान ने समुद्री यातायात को नियंत्रित करने के लिए ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ नाम की एजेंसी बनाने की घोषणा की थी। संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने के लिए शुल्क वसूलने को अवैध बताया है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में स्वतंत्र आवाजाही बहाल करे ईरान: ट्रंप

अमेरिका ने ईरान से मांग की है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में स्वतंत्र आवाजाही बहाल करे। फरवरी में अमेरिका द्वारा इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर बमबारी करने के बाद ईरान ने इस मार्ग में बारूदी सुरंगें बिछा दी थीं और जहाजों पर हमले किए थे। होर्मुज जलडमरूमध्य में स्वतंत्र आवाजाही बहाल करना ईरान युद्ध खत्म करने की बातचीत में सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि यह जलडमरूमध्य सभी के लिए खुला रहेगा। ईरान की कार्रवाई से दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत गैस और तेल सप्लाई प्रभावित हुई है जो इसी रास्ते से गुजरती है। इससे वैश्विक ऊर्जा और आर्थिक संकट गहरा गया है।

बीते दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी कि अगर ओमान ने ईरान के साथ जलडमरूमध्य से गुजरने पर शुल्क वसूलने को लेकर कोई समझौता किया, तो अमेरिका ओमान पर हमला कर सकता है। बता दें कि ओमान, ईरान के सामने जलडमरूमध्य के दूसरी ओर स्थित है।

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