जालोर में अफसर पर 5 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप:भूख हड़तान पर बैठे ठेकेदार; SE बोले- घटिया काम की जांच का बदला ले रहे

जालोर में अफसर पर 5 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप:भूख हड़तान पर बैठे ठेकेदार; SE बोले- घटिया काम की जांच का बदला ले रहे

जालोर जिले में सरकारी विकास कार्यों के बाद भुगतान रुकने और बिल पास करने के बदले खुलेआम 5 प्रतिशत कमीशन (रिश्वत) मांगने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इसके विरोध में वॉटर शेड विभाग के ठेकेदारों का जालोर कलेक्ट्रेट के सामने चल रहा धरना सोमवार को 5वें दिन भी जारी रहा। वहीं, कार्रवाई की मांग को लेकर दो ठेकेदार पिछले चार दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। ठेकेदारों ने जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गवांडे को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर आरोपी अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त करने और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। ठेकेदार बोले- साल भर से अटका है भुगतान
धरने पर बैठे ठेकेदारों का कहना है कि पंचायत समिति चितलवाना में वॉटर शेड के तहत कराए गए कार्य करीब एक साल पहले ही पूरे हो चुके हैं, लेकिन उनका भुगतान जानबूझकर रोक दिया गया है। ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि पिछले दो साल से विभाग का अतिरिक्त चार्ज संभाल रहे अधीक्षण अभियंता (SE) लक्ष्मण सिंह सांदू बिल पास करने के एवज में 5 फीसदी कमीशन की मांग कर रहे हैं। कमीशन नहीं देने पर फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखा जा रहा है। इसी से नाराज होकर ठेकेदारों ने गुरुवार से कलेक्ट्रेट के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया, जिसमें शुक्रवार से दो ठेकेदार सुखराम और विष्णुराम भूख हड़ताल पर बैठ गए। ठेकेदारों ने चेतावनी दी है कि जब तक दोषी अधिकारी पर कार्रवाई और लंबित भुगतानों का निस्तारण नहीं होता, तब तक भूख हड़ताल और धरना जारी रहेगा। SE ने कहा- कोई बिल लंबित नहीं, रंजिश में हो रहा प्रदर्शन
दूसरी ओर, आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए अधीक्षण अभियंता (SE) लक्ष्मण सिंह सांदू ने कहा कि उनके स्तर या कार्यालय में इन ठेकेदारों का कोई भी बिल पेंडिंग नहीं है। धरने में विभाग के केवल दो ही ठेकेदार (विष्णु और सुखराम) शामिल हैं, बाकी किसी को कोई समस्या नहीं है। SE सांदू ने कहा कि सितंबर 2025 में एक किसान ने फार्म पौंड (खेत तलाई) के काम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया था। विभाग के निर्देश पर जब मैंने मौके पर जाकर जांच की, तो सुखराम की फर्म ‘एसआर धुन कंस्ट्रक्शन कंपनी’ द्वारा लगाई गई सीट बेहद घटिया क्वालिटी की पाई गई। विभाग ने उसे बदलने के निर्देश दिए थे। इसी कार्रवाई से द्वेष भावना रखते हुए ठेकेदार लगातार उनके खिलाफ मुख्यमंत्री कार्यालय, निदेशालय और जिला कलेक्टर को झूठी शिकायतें कर रहा है, जो पहले की जांचों में भी गलत साबित हो चुकी हैं। विभाग ने शुरू की जांच
SE लक्ष्मण सिंह सांदू ने बताया कि कलेक्ट्रेट के सामने धरना शुरू होने के दूसरे ही दिन विभाग के उच्चाधिकारियों ने इस पूरे मामले की नए सिरे से जांच कर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को भेज दी है। अब सरकार के स्तर से आने वाली इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

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