एनटीपीसी नबीनगर में 12,932 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन:800 करोड़ की कमाई की; औरंगाबाद में 30 हजार करोड़ की लागत से स्टेज-2 का निर्माण

एनटीपीसी नबीनगर में 12,932 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन:800 करोड़ की कमाई की; औरंगाबाद में 30 हजार करोड़ की लागत से स्टेज-2 का निर्माण

औरंगाबाद के नबीनगर स्थित एनटीपीसी परियोजना में आज प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों ने पावर प्लांट की उपलब्धियों, विद्युत उत्पादन क्षमता और ग्रामीण विकास कार्यों की जानकारी मीडिया को दी। कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों से पहुंचे पत्रकारों का स्वागत करते हुए परियोजना प्रमुख एल के बेहेरा ने कहा कि एनटीपीसी नबीनगर न केवल बिजली उत्पादन के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 1980 मेगावाट क्षमता वाला पावर प्लांट उन्होंने बताया कि नबीनगर सुपर थर्मल पावर परियोजना 1980 मेगावाट क्षमता वाला पावर प्लांट है, जो बिहार की बिजली आपूर्ति में अहम योगदान दे रहा है। साल 2025-26 में इस परियोजना ने 12,932 मिलियन यूनिट से अधिक बिजली उत्पादन किया। साथ ही प्लांट का लोड फैक्टर 78.28 प्रतिशत रहा, जिसे उत्कृष्ट प्रदर्शन माना जा रहा है।पिछले साल में एनटीपीसी की ने लगभग 800 करोड़ की कमाई की। 800 मेगावाट की तीन इकाइयों का तेजी से हो रहा निर्माण प्रेस वार्ता में स्टेज-II परियोजना की प्रगति की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि एनटीपीसी नबीनगर में 800 मेगावाट की तीन नई इकाइयों का निर्माण तेजी से चल रहा है। पिछले साल प्रधानमंत्री ने इसकी आधारशिला रखी थी। निर्माण पूरा होने के बाद प्लांट की कुल क्षमता बढ़कर 4360 मेगावाट हो जाएगी, जिससे यह देश के बड़े पावर प्लांटों में शामिल हो जाएगा। अधिकारियों के अनुसार स्टेज-II पूरा होने पर बिहार को अतिरिक्त 1500 मेगावाट बिजली उपलब्ध होगी। अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल तकनीक का किया जाएगा इस्तेमाल परियोजना प्रमुख एल. के. बेहेरा ने बताया कि यूनिट-04 से मार्च 2029 तक बिजली उत्पादन शुरू होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि नई इकाइयों में एयर कूल्ड कंडेंसर सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे पानी की खपत काफी कम होगी। इसके अलावा अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल तकनीक के जरिए उच्च तापमान और दबाव पर बिजली उत्पादन किया जाएगा, जिससे थर्मल एफिशिएंसी बढ़ेगी और पर्यावरणीय प्रभाव कम होगा। सीएसआर फंड से प्रभावित गांव का हो रहा कायाकल्प एनटीपीसी अधिकारियों ने ग्रामीण विकास कार्यों पर भी प्रकाश डाला। बताया गया कि कंपनी सीएसआर, आर एंड आर और सीडी योजनाओं के तहत 22 से अधिक गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और कौशल विकास से जुड़े कार्य कर रही है। परियोजना प्रमुख ने कहा कि एनटीपीसी आसपास के गांवों के लोगों को अपने परिवार की तरह मानता है और ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लगातार प्रयासरत है।प्रेस वार्ता में बालिका सशक्तिकरण अभियान की भी घोषणा की गई। अधिकारियों ने बताया कि 2 जून से बारुण और नबीनगर प्रखंड के सरकारी विद्यालयों की 60 छात्राओं को नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें गणित, हिंदी, अंग्रेजी, कंप्यूटर, योग और कराटे की शिक्षा शामिल होगी। छात्राओं के लिए छात्रावास और पौष्टिक भोजन की भी व्यवस्था की जाएगी। इस दौरान महाप्रबंधक अनिल कुमार, महाप्रबंधक (परियोजना) राकेश शर्मा, महाप्रबंधक एडीएम मनोरंजन पाणिग्रही समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। औरंगाबाद के नबीनगर स्थित एनटीपीसी परियोजना में आज प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों ने पावर प्लांट की उपलब्धियों, विद्युत उत्पादन क्षमता और ग्रामीण विकास कार्यों की जानकारी मीडिया को दी। कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों से पहुंचे पत्रकारों का स्वागत करते हुए परियोजना प्रमुख एल के बेहेरा ने कहा कि एनटीपीसी नबीनगर न केवल बिजली उत्पादन के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 1980 मेगावाट क्षमता वाला पावर प्लांट उन्होंने बताया कि नबीनगर सुपर थर्मल पावर परियोजना 1980 मेगावाट क्षमता वाला पावर प्लांट है, जो बिहार की बिजली आपूर्ति में अहम योगदान दे रहा है। साल 2025-26 में इस परियोजना ने 12,932 मिलियन यूनिट से अधिक बिजली उत्पादन किया। साथ ही प्लांट का लोड फैक्टर 78.28 प्रतिशत रहा, जिसे उत्कृष्ट प्रदर्शन माना जा रहा है।पिछले साल में एनटीपीसी की ने लगभग 800 करोड़ की कमाई की। 800 मेगावाट की तीन इकाइयों का तेजी से हो रहा निर्माण प्रेस वार्ता में स्टेज-II परियोजना की प्रगति की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि एनटीपीसी नबीनगर में 800 मेगावाट की तीन नई इकाइयों का निर्माण तेजी से चल रहा है। पिछले साल प्रधानमंत्री ने इसकी आधारशिला रखी थी। निर्माण पूरा होने के बाद प्लांट की कुल क्षमता बढ़कर 4360 मेगावाट हो जाएगी, जिससे यह देश के बड़े पावर प्लांटों में शामिल हो जाएगा। अधिकारियों के अनुसार स्टेज-II पूरा होने पर बिहार को अतिरिक्त 1500 मेगावाट बिजली उपलब्ध होगी। अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल तकनीक का किया जाएगा इस्तेमाल परियोजना प्रमुख एल. के. बेहेरा ने बताया कि यूनिट-04 से मार्च 2029 तक बिजली उत्पादन शुरू होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि नई इकाइयों में एयर कूल्ड कंडेंसर सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे पानी की खपत काफी कम होगी। इसके अलावा अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल तकनीक के जरिए उच्च तापमान और दबाव पर बिजली उत्पादन किया जाएगा, जिससे थर्मल एफिशिएंसी बढ़ेगी और पर्यावरणीय प्रभाव कम होगा। सीएसआर फंड से प्रभावित गांव का हो रहा कायाकल्प एनटीपीसी अधिकारियों ने ग्रामीण विकास कार्यों पर भी प्रकाश डाला। बताया गया कि कंपनी सीएसआर, आर एंड आर और सीडी योजनाओं के तहत 22 से अधिक गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और कौशल विकास से जुड़े कार्य कर रही है। परियोजना प्रमुख ने कहा कि एनटीपीसी आसपास के गांवों के लोगों को अपने परिवार की तरह मानता है और ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लगातार प्रयासरत है।प्रेस वार्ता में बालिका सशक्तिकरण अभियान की भी घोषणा की गई। अधिकारियों ने बताया कि 2 जून से बारुण और नबीनगर प्रखंड के सरकारी विद्यालयों की 60 छात्राओं को नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें गणित, हिंदी, अंग्रेजी, कंप्यूटर, योग और कराटे की शिक्षा शामिल होगी। छात्राओं के लिए छात्रावास और पौष्टिक भोजन की भी व्यवस्था की जाएगी। इस दौरान महाप्रबंधक अनिल कुमार, महाप्रबंधक (परियोजना) राकेश शर्मा, महाप्रबंधक एडीएम मनोरंजन पाणिग्रही समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।  

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