रायबरेली के ऊंचाहार स्थित NTPC Limited प्लांट में कार्यरत आउटसोर्सिंग चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पिछले 15 दिनों से वेतन विसंगति को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारी एनटीपीसी गेट से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं और ज्ञापन सौंप रहे हैं। कर्मचारियों ने आउटसोर्सिंग कंपनियों के प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि एनटीपीसी द्वारा समय पर वेतन ठेकेदारों के खाते में भेजा जाता है, लेकिन कंपनियां कर्मचारियों के खातों में भुगतान के बाद नकदी वापस ले लेती हैं। इसी व्यवस्था के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। 18 आउटसोर्सिंग संस्थाओं को नोटिस विवाद बढ़ने के बाद एनटीपीसी प्रबंधन ने प्लांट में कार्यरत 18 आउटसोर्सिंग संस्थाओं को नोटिस जारी किया है और जल्द समाधान के निर्देश दिए हैं। एनटीपीसी के एचआर हेड पंकज अरुण ने बताया कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था को लेकर नई गाइडलाइन लागू की गई है। इसमें ठेकेदारों को चार श्रम संहिताओं के पालन, 100% ऑनलाइन उपस्थिति (CLIMS सिस्टम) और सभी रिकॉर्ड के उचित रखरखाव के निर्देश दिए गए हैं। समय पर वेतन और न्यूनतम मजदूरी अनिवार्य गाइडलाइन के अनुसार, मजदूरी का भुगतान अगले महीने की 7 तारीख तक अनिवार्य रूप से करना होगा और किसी भी प्रकार की अनधिकृत कटौती पर रोक रहेगी। साथ ही अकुशल, अर्ध-कुशल, कुशल और अत्यधिक कुशल श्रमिकों को अधिसूचित न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान नहीं किया जाएगा। सामाजिक सुरक्षा और सख्त कार्रवाई के प्रावधान ठेकेदारों को ईपीएफ, ईएसआई और अन्य सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों का पालन करना होगा। किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियम उल्लंघन पर अनुबंध समाप्ति या ब्लैकलिस्टिंग जैसी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रबंधन ने सभी एजेंसियों से औद्योगिक सद्भाव बनाए रखने और कानून के सख्त अनुपालन की अपील की है। वहीं कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, जिससे मामला अभी भी तनावपूर्ण बना हुआ है।


