दरभंगा मंडल कारा में कुख्यात रौनक पर मारपीट का आरोप:बंदी पर जेल उपाधीक्षक पर जानलेवा हमले का आरोप, कैदी की मां बोली- बेटे की हत्या की साजिश रच रहे अधिकारी

दरभंगा मंडल कारा में कुख्यात रौनक पर मारपीट का आरोप:बंदी पर जेल उपाधीक्षक पर जानलेवा हमले का आरोप, कैदी की मां बोली- बेटे की हत्या की साजिश रच रहे अधिकारी

दरभंगा मंडल कारा में बंद कुख्यात बंदी रौनक सिंह को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। एक ओर जेल प्रशासन ने बंदी पर जेल के भीतर हिंसक उत्पात मचाने, बंदियों और सुरक्षाकर्मियों पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने की पहल की है। वहीं दूसरी ओर बंदी की मां रेणु देवी ने जेल अधीक्षक, उपाधीक्षक और कई कर्मियों पर बेटे की बेरहमी से पिटाई करने तथा झूठा मुकदमा दर्ज कराने का गंभीर आरोप लगाया है। मंडल कारा दरभंगा के उपाधीक्षक नारायण हिमांशु की ओर से लहेरियासराय थाना को दिए गए आवेदन में कहा गया है कि बंदी रौनक सिंह, पिता स्व. प्रमोद सिंह, निवासी गौढ़ियारी थाना विशुनपुर, जिला दरभंगा, जेल के वार्ड संख्या-06 में बंद है। उसके विरुद्ध दरभंगा के विभिन्न न्यायालयों में 8 तथा किशनगंज में 11 मामला विचाराधीन है। आवेदन के अनुसार 22 मई 2026 की रात करीब 11:45 बजे रौनक सिंह ने अपने ही गुट के बंदी रंजीत लाल देव पर हमला कर उसका सिर फोड़ दिया। सूचना मिलने पर जेल उपाधीक्षक अस्पताल पहुंचे, जहां घायल बंदी के कनपटी से खून बह रहा था। इसके बाद जेल प्रशासन ने वार्ड संख्या-06 में पहुंचकर पूछताछ की, जिसमें घटना सत्य पाई गई। जेल प्रशासन का आरोप- रौनक सिंह ने उपाधीक्षक पर जानलेवा हमला किया जेल प्रशासन का आरोप है कि जब रौनक सिंह को दूसरे वार्ड में शिफ्ट करने के लिए गुमटी पर लाया गया, तब वह अत्यधिक आक्रामक हो गया और उपाधीक्षक से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए जानलेवा हमला कर दिया। आवेदन में कहा गया है कि उसने उपाधीक्षक की गर्दन पकड़कर जमीन पर पटक दिया तथा सुरक्षाकर्मियों पर भी पत्थरों से हमला शुरू कर दिया। इससे जेल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी। बाद में सुरक्षा कर्मियों ने पगली घंटी बजाकर अतिरिक्त बल बुलाया और काफी मशक्कत के बाद हल्का बल प्रयोग करते हुए उसे काबू में कर उच्च सुरक्षा कक्ष में बंद किया गया। उपाधीक्षक ने लहेरियासराय थाना से अनुरोध किया है कि जेल में भयावह स्थिति उत्पन्न करने, बंदियों और सुरक्षाकर्मियों पर जानलेवा हमला करने तथा आतंक का माहौल पैदा करने के आरोप में रौनक सिंह के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जाए। प्रभारी थानाध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी ने बताया कि मामले में लहेरियासराय थाना कांड संख्या 288/26 दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करते हुए मामले का अनुसंधान शुरू कर दिया है और विभिन्न बिंदुओं पर जांच की जा रही है। रौनक की मां ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए इधर, मामले ने नया मोड़ तब ले लिया जब रौनक सिंह की मां रेणु देवी ने जिला प्रशासन और जिला विधिक प्राधिकार के समक्ष आवेदन देकर जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 22 मई की रात उनके पुत्र को गुमटी पर ले जाकर जेल अधीक्षक, उपाधीक्षक समेत कई पुलिसकर्मियों और कर्मियों ने मिलकर बेरहमी से पीटा। आवेदन में विषान कुमार, मृत्युंजय कुमार, सुनील यादव, मुन्ना कुमार, ब्रजेश कुमार, अजय कुमार, विकास सिंह, उदय राम, उदय ठाकुर और लालबाबू हवलदार सहित कई लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। रेणु देवी का आरोप है कि उनका पुत्र जेल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर विरोध करता था, जिसके कारण उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उपाधीक्षक द्वारा लहेरियासराय थाना कांड संख्या-288/26 में झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। उनका कहना है कि मारपीट इतनी गंभीर थी कि उनका पुत्र स्वयं से दैनिक कार्य करने की स्थिति में भी नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, घटना के समय का सीसीटीवी फुटेज खंगालने, दोषी जेल पदाधिकारियों पर कार्रवाई करने तथा रौनक सिंह का समुचित इलाज कराने की मांग की है। रौनक की मां का आरोप- बेटे की हत्या की साजिश रच रहे जेल अधिकारी रेणु देवी ने आशंका जताई है कि जेल के कुछ अधिकारी उनके पुत्र को जान से मारने की साजिश रच रहे हैं। इस संबंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी ने बताया कि कैदी की मां उनसे मिलने आई थीं और उन्होंने एक आवेदन सौंपा है। आवेदन प्राप्त होते ही मामले की जांच के लिए Chief LADC (CHIEF LEGAL AID DEFENSE COUNSEL) को मंडल कारा भेजी गई है। उन्होंने कहा कि टीम जेल जाकर पूरे मामले की जांच करेगी और जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। दरभंगा मंडल कारा में बंद कुख्यात बंदी रौनक सिंह को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। एक ओर जेल प्रशासन ने बंदी पर जेल के भीतर हिंसक उत्पात मचाने, बंदियों और सुरक्षाकर्मियों पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने की पहल की है। वहीं दूसरी ओर बंदी की मां रेणु देवी ने जेल अधीक्षक, उपाधीक्षक और कई कर्मियों पर बेटे की बेरहमी से पिटाई करने तथा झूठा मुकदमा दर्ज कराने का गंभीर आरोप लगाया है। मंडल कारा दरभंगा के उपाधीक्षक नारायण हिमांशु की ओर से लहेरियासराय थाना को दिए गए आवेदन में कहा गया है कि बंदी रौनक सिंह, पिता स्व. प्रमोद सिंह, निवासी गौढ़ियारी थाना विशुनपुर, जिला दरभंगा, जेल के वार्ड संख्या-06 में बंद है। उसके विरुद्ध दरभंगा के विभिन्न न्यायालयों में 8 तथा किशनगंज में 11 मामला विचाराधीन है। आवेदन के अनुसार 22 मई 2026 की रात करीब 11:45 बजे रौनक सिंह ने अपने ही गुट के बंदी रंजीत लाल देव पर हमला कर उसका सिर फोड़ दिया। सूचना मिलने पर जेल उपाधीक्षक अस्पताल पहुंचे, जहां घायल बंदी के कनपटी से खून बह रहा था। इसके बाद जेल प्रशासन ने वार्ड संख्या-06 में पहुंचकर पूछताछ की, जिसमें घटना सत्य पाई गई। जेल प्रशासन का आरोप- रौनक सिंह ने उपाधीक्षक पर जानलेवा हमला किया जेल प्रशासन का आरोप है कि जब रौनक सिंह को दूसरे वार्ड में शिफ्ट करने के लिए गुमटी पर लाया गया, तब वह अत्यधिक आक्रामक हो गया और उपाधीक्षक से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए जानलेवा हमला कर दिया। आवेदन में कहा गया है कि उसने उपाधीक्षक की गर्दन पकड़कर जमीन पर पटक दिया तथा सुरक्षाकर्मियों पर भी पत्थरों से हमला शुरू कर दिया। इससे जेल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी। बाद में सुरक्षा कर्मियों ने पगली घंटी बजाकर अतिरिक्त बल बुलाया और काफी मशक्कत के बाद हल्का बल प्रयोग करते हुए उसे काबू में कर उच्च सुरक्षा कक्ष में बंद किया गया। उपाधीक्षक ने लहेरियासराय थाना से अनुरोध किया है कि जेल में भयावह स्थिति उत्पन्न करने, बंदियों और सुरक्षाकर्मियों पर जानलेवा हमला करने तथा आतंक का माहौल पैदा करने के आरोप में रौनक सिंह के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जाए। प्रभारी थानाध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी ने बताया कि मामले में लहेरियासराय थाना कांड संख्या 288/26 दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करते हुए मामले का अनुसंधान शुरू कर दिया है और विभिन्न बिंदुओं पर जांच की जा रही है। रौनक की मां ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए इधर, मामले ने नया मोड़ तब ले लिया जब रौनक सिंह की मां रेणु देवी ने जिला प्रशासन और जिला विधिक प्राधिकार के समक्ष आवेदन देकर जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 22 मई की रात उनके पुत्र को गुमटी पर ले जाकर जेल अधीक्षक, उपाधीक्षक समेत कई पुलिसकर्मियों और कर्मियों ने मिलकर बेरहमी से पीटा। आवेदन में विषान कुमार, मृत्युंजय कुमार, सुनील यादव, मुन्ना कुमार, ब्रजेश कुमार, अजय कुमार, विकास सिंह, उदय राम, उदय ठाकुर और लालबाबू हवलदार सहित कई लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। रेणु देवी का आरोप है कि उनका पुत्र जेल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर विरोध करता था, जिसके कारण उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उपाधीक्षक द्वारा लहेरियासराय थाना कांड संख्या-288/26 में झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। उनका कहना है कि मारपीट इतनी गंभीर थी कि उनका पुत्र स्वयं से दैनिक कार्य करने की स्थिति में भी नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, घटना के समय का सीसीटीवी फुटेज खंगालने, दोषी जेल पदाधिकारियों पर कार्रवाई करने तथा रौनक सिंह का समुचित इलाज कराने की मांग की है। रौनक की मां का आरोप- बेटे की हत्या की साजिश रच रहे जेल अधिकारी रेणु देवी ने आशंका जताई है कि जेल के कुछ अधिकारी उनके पुत्र को जान से मारने की साजिश रच रहे हैं। इस संबंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी ने बताया कि कैदी की मां उनसे मिलने आई थीं और उन्होंने एक आवेदन सौंपा है। आवेदन प्राप्त होते ही मामले की जांच के लिए Chief LADC (CHIEF LEGAL AID DEFENSE COUNSEL) को मंडल कारा भेजी गई है। उन्होंने कहा कि टीम जेल जाकर पूरे मामले की जांच करेगी और जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।  

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