भोपाल में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई एक बार फिर नोटिसों तक सिमटती नजर आ रही है। नगर निगम ने कोलार क्षेत्र में 15 निर्माणाधीन निजी कॉलोनियों को चिह्नित कर उनके कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किए हैं। उन्हें 15 दिन के भीतर वैध अनुमतियों से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है। दस्तावेज नहीं देने पर एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है। पिछले तीन वर्ष का रिकॉर्ड प्रशासनिक कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है। शहर में सैकड़ों अवैध कॉलोनियां चिन्हित होने और बड़ी संख्या में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद किसी भी मामले में कार्रवाई अंतिम नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है। आंकड़ों में बड़ी कार्रवाई, जमीन पर नतीजे शून्य
प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2023 में भोपाल में 576 अवैध कॉलोनियां चिन्हित की गई थीं। इनमें से दिसंबर 2016 से पहले विकसित 320 कॉलोनियों को नियमों में छूट देकर वैध करने की प्रक्रिया शुरू की गई। शेष कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई की घोषणाएं तो हुईं, लेकिन अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए। 300 एफआईआर दर्ज, गिरफ्तारी एक भी नहीं
अवैध कॉलोनियों के मामलों में अब तक करीब 300 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इसके बावजूद किसी भी कॉलोनाइजर की गिरफ्तारी नहीं हुई। इतना ही नहीं, किसी एक मामले में भी अदालत में चालान पेश नहीं किया गया। कई स्थानों पर केवल प्रतीकात्मक तौर पर बाउंड्रीवाल या निर्माण का हिस्सा तोड़ा गया, जबकि अधिकांश कॉलोनियों में गतिविधियां जारी रहीं। कोलार की इन 15 कॉलोनियों पर कार्रवाई
नगर निगम और कॉलोनी सेल ने कोलार क्षेत्र में 15 कॉलोनियों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें रतनपुर, बैरागढ़ चीचली, अकबरपुर और नयापुरा क्षेत्र की कई निर्माणाधीन कॉलोनियां शामिल हैं। संबंधित कॉलोनाइजरों से स्वीकृत नक्शे, डायवर्जन और अन्य वैधानिक अनुमतियों के दस्तावेज मांगे गए हैं। फिर शुरू हुआ नोटिस अभियान
1 जून को हुई कॉलोनी सेल की बैठक के बाद सभी जोन अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। संदिग्ध निर्माण या बिना अनुमति विकसित हो रही कॉलोनियों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया है।


