नीतीश कुमार के बेटे निशांत को Z सुरक्षा दी गई है। विजय सिन्हा की सुरक्षा घटाकर Z की गई है। पहले उन्हें Z+ सुरक्षा दी गई थी। श्रवण कुमार को Y कैटेगरी की सुरक्षा मिली है। निशांत कुमार में हाल ही में राजनीति में एंट्री की थी। उनके नई सरकार में डिप्टी CM बनने के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन उन्होंने कोई पद नहीं लिया। निशांत जल्द ही बिहार की यात्रा पर निकलने वाले हैं। हाल में वे पार्टी की गतिविधियों में भी एक्टिव नजर आ रहे हैं। उन्होंने भी ये कहा है कि अब वे गठबंधन को मजबूर करने का काम करेंगे। Z सुरक्षा मिलने के बाद निशांत की सुरक्षा में अब 4 से 5 NSG कमांडो सहित कुल 22 सुरक्षागार्ड तैनात होंगे। इसमें दिल्ली पुलिस, ITBP या CRPF के कमांडो और स्थानीय पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। अब जानिए क्या होती है, अलग-अलग कैटेगरी की सिक्योरिटी अब जानिए किसे दी जाती है सुरक्षा देश के सम्मानित लोगों और पॉलिटिशियंस को जान का खतरा है तो उसे इनमें से कोई एक सिक्युरिटी दी जाती है। ये सुरक्षा मिनिस्टर्स को मिलने वाली सिक्युरिटी से अलग होती है। इसमें पहले सरकार को इसके लिए एप्लीकेशन देनी होती है, जिसके बाद सरकार खुफिया एजेंसियों के जरिए होने वाले खतरे का अंदाजा लगाती हैं। खतरे की बात कंफर्म होने पर सुरक्षा दी जाती है। होम सेक्रेटरी, डायरेक्टर जनरल और चीफ सेक्रेटरी की कमेटी ये तय करती है कि संबंधित लोगों को किस कैटेगरी में सिक्योरिटी दी जाए। कौन देता है सिक्योरिटी पुलिस के साथ-साथ कई एजेंसीज वीआईपी और वीवीआईपी को सिक्युरिटी कवर दे रही हैं। इनमें स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप यानी एसपीजी, एनएसजी, आईटीबीपी और सीआरपीएफ शामिल हैं। हालांकि, खास लोगों की सुरक्षा का जिम्मा एनएसजी के कंधों पर ही होता है, लेकिन जिस तरह से जेड प्लस सिक्युरिटी लेने वालों की संख्या बढ़ी है, उसे देखते हुए सीआईएसएफ को भी यह काम सौंपा जा रहा है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…. नीतीश कुमार के बेटे निशांत को Z सुरक्षा दी गई है। विजय सिन्हा की सुरक्षा घटाकर Z की गई है। पहले उन्हें Z+ सुरक्षा दी गई थी। श्रवण कुमार को Y कैटेगरी की सुरक्षा मिली है। निशांत कुमार में हाल ही में राजनीति में एंट्री की थी। उनके नई सरकार में डिप्टी CM बनने के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन उन्होंने कोई पद नहीं लिया। निशांत जल्द ही बिहार की यात्रा पर निकलने वाले हैं। हाल में वे पार्टी की गतिविधियों में भी एक्टिव नजर आ रहे हैं। उन्होंने भी ये कहा है कि अब वे गठबंधन को मजबूर करने का काम करेंगे। Z सुरक्षा मिलने के बाद निशांत की सुरक्षा में अब 4 से 5 NSG कमांडो सहित कुल 22 सुरक्षागार्ड तैनात होंगे। इसमें दिल्ली पुलिस, ITBP या CRPF के कमांडो और स्थानीय पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। अब जानिए क्या होती है, अलग-अलग कैटेगरी की सिक्योरिटी अब जानिए किसे दी जाती है सुरक्षा देश के सम्मानित लोगों और पॉलिटिशियंस को जान का खतरा है तो उसे इनमें से कोई एक सिक्युरिटी दी जाती है। ये सुरक्षा मिनिस्टर्स को मिलने वाली सिक्युरिटी से अलग होती है। इसमें पहले सरकार को इसके लिए एप्लीकेशन देनी होती है, जिसके बाद सरकार खुफिया एजेंसियों के जरिए होने वाले खतरे का अंदाजा लगाती हैं। खतरे की बात कंफर्म होने पर सुरक्षा दी जाती है। होम सेक्रेटरी, डायरेक्टर जनरल और चीफ सेक्रेटरी की कमेटी ये तय करती है कि संबंधित लोगों को किस कैटेगरी में सिक्योरिटी दी जाए। कौन देता है सिक्योरिटी पुलिस के साथ-साथ कई एजेंसीज वीआईपी और वीवीआईपी को सिक्युरिटी कवर दे रही हैं। इनमें स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप यानी एसपीजी, एनएसजी, आईटीबीपी और सीआरपीएफ शामिल हैं। हालांकि, खास लोगों की सुरक्षा का जिम्मा एनएसजी के कंधों पर ही होता है, लेकिन जिस तरह से जेड प्लस सिक्युरिटी लेने वालों की संख्या बढ़ी है, उसे देखते हुए सीआईएसएफ को भी यह काम सौंपा जा रहा है। खबर लगातार अपडेट हो रही है….


