सोनीपत के गन्नौर में मारुति ईको वैन से 440 ग्राम सुलफा/चरस बरामदगी के पांच साल पुराने NDPS एक्ट मामले में गवाही के लिए निर्धारित तारीख पर पुलिस उप-निरीक्षक (SI) विजय पाल के अदालत में पेश नहीं होने पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। सोनीपत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सिंह की कोर्ट ने गवाह की गैर-हाजिरी पर गिरफ्तारी वारंट जारी करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के शेष गवाहों को भी समन जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 जनवरी 2027 की तारीख तय की है। कोर्ट ने गैर-हाजिरी पर जताई नाराजगी कोर्ट के आदेश के अनुसार, उप-निरीक्षक विजय पाल को पूर्व में साक्ष्य देने के लिए व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद वह सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं हुए। कोर्ट ने अपने आदेश में गवाह के रवैये पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वह जानबूझकर कोर्ट की कार्रवाई से बच रहा है। इस पर कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के निर्देश दिए, ताकि अगली सुनवाई पर उन्हें अदालत में पेश किया जा सके। 2021 में दर्ज हुआ था मामला कोर्ट में विचाराधीन यह मामला थाना गन्नौर में 8 अप्रैल 2021 को दर्ज एफआईआर से संबंधित है। पुलिस ने आरोप लगाया था कि बलिस्टर और विनोद मारुति ईको वैन नंबर HR-42G-9364 में सुलफा/चरस लेकर जा रहे थे। मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20, 61 और 85 के तहत कार्रवाई की गई थी। केस संख्या NDPS/21/2021 में राज्य बनाम बलिस्टर व अन्य के रूप में सुनवाई चल रही है। नाकाबंदी के दौरान वैन से बरामदगी का आरोप मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, पुलिस टीम जीटी रोड पर भाखरपुर मोड़ के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस ने जीटी रोड से डीआईसीटी रोड पर नाकाबंदी की। पुलिस के अनुसार, दोपहर करीब 2:50 बजे संदिग्ध ईको वैन को रोका गया। तलाशी की प्रक्रिया के दौरान गन्नौर के तत्कालीन नायब तहसीलदार प्रमोद कुमार को राजपत्रित अधिकारी के तौर पर मौके पर बुलाया गया। पुलिस का आरोप है कि उनकी मौजूदगी में वैन के डैशबोर्ड से 440 ग्राम सुलफा/चरस बरामद हुआ था। इसके बाद पुलिस ने कथित नशीले पदार्थ को सील कर वैन सहित कब्जे में लिया था। एएसआई जलजीत की गवाही भी नहीं हो सकी पूरी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के गवाह एएसआई जलजीत कोर्ट में उपस्थित हुए थे। हालांकि, बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की ओर से स्थगन का अनुरोध किए जाने के कारण उनकी गवाही और जिरह पूरी नहीं हो सकी। अदालत ने उन्हें डिस्चार्ज करते हुए अगली सुनवाई पर दोबारा पेश होने के लिए पाबंद कर दिया। 19 जनवरी 2027 को होगी अगली सुनवाई सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से महिला लोक अभियोजक मीना पेश हुईं। आरोपी विनोद की ओर से अधिवक्ता संजय गौतम और आरोपी बलिस्टर की ओर से अधिवक्ता गुलशन जोहर उपस्थित रहे। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के शेष अनपरीक्षित गवाहों को समन जारी करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी 2027 को होगी। कोर्ट के आदेश के अनुसार, इस तारीख पर एसआई विजय पाल को गिरफ्तारी वारंट के निष्पादन के जरिए पेश किया जाना है।

