अररिया व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला जज गुंजन पांडे, जिला पदाधिकारी विनोद दुहन और अन्य न्यायिक पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर इसका शुभारंभ किया। इस अवसर पर 15 बेंचों का गठन किया गया, जहां लंबित मामलों के निपटारे की प्रक्रिया शुरू हुई। जिला जज गुंजन पांडे ने बताया कि बिहार में पहली बार पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के आह्वान पर ट्रैफिक नियमों से संबंधित चालानों को राष्ट्रीय लोक अदालत में शामिल किया गया है। 2500 ट्रैफिक चालानों को चिन्हित किया गया
उन्होंने कहा कि अररिया जिले का डिस्पोजल रेट अन्य जिलों की तुलना में बेहतर है। कल 2500 ट्रैफिक चालानों को चिन्हित किया गया था, जिनमें से आज 700-800 मामले सुलझने की उम्मीद है। जज पांडे ने लोक अदालत को न्याय की सबसे तेज और किफायती प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि इससे अदालतों पर लंबित मामलों का बोझ कम होता है और आम नागरिकों को बिना खर्च के त्वरित न्याय मिलता है। न्याय विभाग के बेहतर समन्वय की सराहना भी की
जिला पदाधिकारी विनोद दुहन ने कहा कि साल के दूसरे राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामले सुलझाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि लोगों को अब अदालतों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, उनके द्वार पर ही न्याय उपलब्ध कराया जा रहा है। डीएम ने प्रशासन और न्याय विभाग के बेहतर समन्वय की सराहना भी की। लोक अदालत में बैंक रिकवरी, चेक बाउंस, पारिवारिक विवाद, संपत्ति संबंधी मामले, मुआवजा और ट्रैफिक चालान जैसे विभिन्न प्रकार के मामले शामिल हैं। आयोजकों के अनुसार, इस बार ट्रैफिक चालानों को शामिल करने से आमजन को विशेष राहत मिलने की संभावना है। जिला न्यायालय के साथ-साथ विभिन्न अनुमंडलों में भी बेंचों का गठन किया गया है। अधिकारी उम्मीद जता रहे हैं कि आज के आयोजन में सैकड़ों मामले सुलह के माध्यम से निपट जाएंगे, जिससे जिले के डिस्पोजल रेट में और सुधार होगा। अररिया व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला जज गुंजन पांडे, जिला पदाधिकारी विनोद दुहन और अन्य न्यायिक पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर इसका शुभारंभ किया। इस अवसर पर 15 बेंचों का गठन किया गया, जहां लंबित मामलों के निपटारे की प्रक्रिया शुरू हुई। जिला जज गुंजन पांडे ने बताया कि बिहार में पहली बार पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के आह्वान पर ट्रैफिक नियमों से संबंधित चालानों को राष्ट्रीय लोक अदालत में शामिल किया गया है। 2500 ट्रैफिक चालानों को चिन्हित किया गया
उन्होंने कहा कि अररिया जिले का डिस्पोजल रेट अन्य जिलों की तुलना में बेहतर है। कल 2500 ट्रैफिक चालानों को चिन्हित किया गया था, जिनमें से आज 700-800 मामले सुलझने की उम्मीद है। जज पांडे ने लोक अदालत को न्याय की सबसे तेज और किफायती प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि इससे अदालतों पर लंबित मामलों का बोझ कम होता है और आम नागरिकों को बिना खर्च के त्वरित न्याय मिलता है। न्याय विभाग के बेहतर समन्वय की सराहना भी की
जिला पदाधिकारी विनोद दुहन ने कहा कि साल के दूसरे राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामले सुलझाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि लोगों को अब अदालतों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, उनके द्वार पर ही न्याय उपलब्ध कराया जा रहा है। डीएम ने प्रशासन और न्याय विभाग के बेहतर समन्वय की सराहना भी की। लोक अदालत में बैंक रिकवरी, चेक बाउंस, पारिवारिक विवाद, संपत्ति संबंधी मामले, मुआवजा और ट्रैफिक चालान जैसे विभिन्न प्रकार के मामले शामिल हैं। आयोजकों के अनुसार, इस बार ट्रैफिक चालानों को शामिल करने से आमजन को विशेष राहत मिलने की संभावना है। जिला न्यायालय के साथ-साथ विभिन्न अनुमंडलों में भी बेंचों का गठन किया गया है। अधिकारी उम्मीद जता रहे हैं कि आज के आयोजन में सैकड़ों मामले सुलह के माध्यम से निपट जाएंगे, जिससे जिले के डिस्पोजल रेट में और सुधार होगा।


