खैरथल-तिजारा जिले में द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार शनिवार को हुई इस अदालत में हजारों मामलों का आपसी समझौते से त्वरित निस्तारण किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र व्यास की अध्यक्षता में यह आयोजन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चला। 8 बेंचों का किया गठन न्याय को सरल, सुलभ और त्वरित बनाने के उद्देश्य से जिलेभर में कुल आठ बेंचों का गठन किया गया था। इनमें से तीन बेंच खैरथल जिला मुख्यालय पर स्थापित की गईं, जबकि शेष बेंचें विभिन्न तालुकाओं में संचालित की गईं। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां शारदे के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। जिला मुख्यालय पर गठित प्रथम बेंच में जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र व्यास, उपखंड अधिकारी किशनगढ़बास मनीष कुमार जाटव और अधिवक्ता रामनिवास सदस्य के रूप में शामिल थे। द्वितीय बेंच में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या-2 किशनगढ़बास, नायब तहसीलदार हिमांशु मीणा और अधिवक्ता प्रताप सिंह ने अपनी सेवाएं दीं। तृतीय बेंच में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लोकेश मीणा और अधिवक्ता दिनेश कुमार सैनी ने भागीदारी निभाई। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य मामलों का आपसी समझौते से समाधान किया गया। कई मामलों का मौके पर किया निस्तारण इसके अतिरिक्त, बैंक, बिजली विभाग और टेलीफोन विभाग से संबंधित प्री-लिटिगेशन मामलों का भी मौके पर ही निस्तारण कर पक्षकारों को तत्काल राहत प्रदान की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रणवीर सिंह ने बताया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आमजन को सस्ता, सरल और शीघ्र न्याय उपलब्ध कराना है, जिससे उनके समय और धन दोनों की बचत हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसी पहल से न्यायालयों में लंबित मामलों के बोझ को कम करने में भी सहायता मिलती है। पूरे देश में एक साथ किया गया आयोजन बता दें कि द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन पूरे देश में एक साथ किया गया था। इस राष्ट्रव्यापी पहल के तहत बड़ी संख्या में पुराने और लंबित मामलों का निपटारा कर लोगों को त्वरित न्याय सुनिश्चित किया गया।


