लखनऊ के चारबाग स्थित एक होटल में सृजन अंतरराष्ट्रीय कला साहित्य संस्कृति, अयोध्या द्वारा ‘अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक संगम’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पुस्तक लोकार्पण, शैक्षिक संगोष्ठी और सम्मान समारोह शामिल थे। उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के 220 से अधिक शिक्षकों, साहित्यकारों, लेखकों और सामाजिक संस्थाओं को शिक्षा, साहित्य, समाजसेवा तथा विभिन्न क्षेत्रों में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के दौरान जनपद बलिया के चार प्रमुख व्यक्तियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इनमें शिक्षक एवं साहित्य प्रेमी नंद लाल शर्मा, प्रसिद्ध साहित्यकार विंध्याचल सिंह ‘बुढऊ’, पूर्व महिला शिक्षक संघ अध्यक्ष रंजना पाण्डेय और माया राय शामिल थीं। उन्हें प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।
इस गरिमामयी समारोह में उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के सदस्य डॉ. मदन मोहन लाल, लखनऊ विश्वविद्यालय की डॉ. खुशबू वर्मा, लाइफ साइनिफाई के संस्थापक रविशंकर, इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. जयप्रकाश वर्मा, उच्च न्यायालय लखनऊ के राज्य विधि अधिकारी प्रदीप कुमार गुप्ता और उत्तर प्रदेश के राज्य सूचना आयुक्त स्वतंत्र प्रकाश गुप्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान “हिन्दी हमारी पहचान”, “स्वावलंबन”, “सतत संरक्षण, हमारा प्रयास” और “काव्य किरण” जैसी पुस्तकों का लोकार्पण भी किया गया।
आयोजित शैक्षिक संगोष्ठी में हिन्दी भाषा के महत्व और शिक्षा में AI तकनीक के प्रयोग एवं उसके प्रभावों पर विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा, ज्ञान और संस्कृति का संवर्धन ही एक सशक्त समाज की वास्तविक आधारशिला है। उन्होंने यह भी कहा कि हिन्दी भाषा और आधुनिक तकनीक का समन्वय शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। कार्यक्रम का संचालन संयोजक मनीष देव ने किया, जिनके प्रति सभी अतिथियों ने आभार व्यक्त किया।


