आगामी बकरीद (ईद-उल-अजहा) पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए नालंदा पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। बिहारशरीफ सदर डीएसपी-1 संकेत कुमार ने बताया कि प्रशासन अलर्ट मोड पर है और सुरक्षा को लेकर कड़े प्रबंध किए गए हैं। जिला, अनुमंडल और थाना स्तर पर शांति समिति की बैठकें पूरी कर ली गई हैं, जिसमें सदस्यों की समस्याएं सुनकर निवारण के उचित दिशा-निर्देश दिए गए हैं। जिले के सभी संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर लिया गया है, जहां अतिरिक्त पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती की जा रही है। असामाजिक तत्वों में खौफ और आम लोगों में सुरक्षा का भाव जगाने के लिए पुलिस संवेदनशील इलाकों में सघन फ्लैग मार्च निकालेगी। इसके साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस लाइन में जवानों को दंगा नियंत्रण अभ्यास भी कराया जा रहा है। सोशल मीडिया सेल की पैनी नजर त्यौहार के दौरान अफवाहों को रोकने के लिए जिला स्तरीय सोशल मीडिया सेल को काफी एक्टिव कर दिया गया है। डीएसपी ने बताया कि व्हाट्सएप स्टेटस, भ्रामक वीडियो और पोस्ट पर 24 घंटे लगातार निगरानी रखी जा रही है। यदि कोई भी संदिग्ध या आपत्तिजनक पोस्ट मिलता है, तो तुरंत संबंधित थाने को सूचित कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। कानून हाथ में न लें, पुलिस को बताएं प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की भ्रामक खबरों या अफवाहों से दूर रहें और जब तक प्रशासन का कोई औपचारिक बयान न आए, उन बातों पर विश्वास न करें। पर्व के दौरान कुर्बानी के अवशेषों को दबाने के लिए प्रशासन द्वारा गड्ढों की जगह चिन्हित कर ली गई है। डीएसपी ने आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर लोग कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय तुरंत पुलिस-प्रशासन को सूचित करें। आगामी बकरीद (ईद-उल-अजहा) पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए नालंदा पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। बिहारशरीफ सदर डीएसपी-1 संकेत कुमार ने बताया कि प्रशासन अलर्ट मोड पर है और सुरक्षा को लेकर कड़े प्रबंध किए गए हैं। जिला, अनुमंडल और थाना स्तर पर शांति समिति की बैठकें पूरी कर ली गई हैं, जिसमें सदस्यों की समस्याएं सुनकर निवारण के उचित दिशा-निर्देश दिए गए हैं। जिले के सभी संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर लिया गया है, जहां अतिरिक्त पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती की जा रही है। असामाजिक तत्वों में खौफ और आम लोगों में सुरक्षा का भाव जगाने के लिए पुलिस संवेदनशील इलाकों में सघन फ्लैग मार्च निकालेगी। इसके साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस लाइन में जवानों को दंगा नियंत्रण अभ्यास भी कराया जा रहा है। सोशल मीडिया सेल की पैनी नजर त्यौहार के दौरान अफवाहों को रोकने के लिए जिला स्तरीय सोशल मीडिया सेल को काफी एक्टिव कर दिया गया है। डीएसपी ने बताया कि व्हाट्सएप स्टेटस, भ्रामक वीडियो और पोस्ट पर 24 घंटे लगातार निगरानी रखी जा रही है। यदि कोई भी संदिग्ध या आपत्तिजनक पोस्ट मिलता है, तो तुरंत संबंधित थाने को सूचित कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। कानून हाथ में न लें, पुलिस को बताएं प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की भ्रामक खबरों या अफवाहों से दूर रहें और जब तक प्रशासन का कोई औपचारिक बयान न आए, उन बातों पर विश्वास न करें। पर्व के दौरान कुर्बानी के अवशेषों को दबाने के लिए प्रशासन द्वारा गड्ढों की जगह चिन्हित कर ली गई है। डीएसपी ने आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर लोग कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय तुरंत पुलिस-प्रशासन को सूचित करें।


