मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने सिकंदरपुर थानाध्यक्ष दुखी कुमार महतो को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई मरीन ड्राइव पर हुई चाकूबाजी की घटना और कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में की गई है। अपर पुलिस अधीक्षक (नगर-01) ने सिकंदरपुर थाना क्षेत्र की कार्यप्रणाली पर एक विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपी थी। इस रिपोर्ट में कहा गया कि थानाध्यक्ष अपराध नियंत्रण, खुफिया जानकारी जुटाने, प्रभावी गश्त और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल रहे। उनकी गंभीर लापरवाही के कारण थाना क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों में लगातार वृद्धि हो रही थी। महिलाओं से छेड़खानी की घटना आई सामने जांच रिपोर्ट में विशेष रूप से ‘मरीन ड्राइव’ क्षेत्र का उल्लेख किया गया है, जिसे अपराध के दृष्टिकोण से संवेदनशील माना जाता है। इस इलाके में हाल के दिनों में मोटरसाइकिल चोरी, चेन छिनतई, राहगीरों से मारपीट और महिलाओं से छेड़खानी जैसी गंभीर घटनाएं बढ़ी थीं। इसके बावजूद थानाध्यक्ष की ओर से पर्याप्त पुलिस बल तैनात नहीं किया गया और न ही प्रभावी गश्त सुनिश्चित की गई, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हुए। थानाध्यक्ष के निलंबन का तात्कालिक कारण 23 मई 2026 की रात मरीन ड्राइव पर हुई हिंसक झड़प बनी। इस घटना में दो गुटों के बीच मारपीट और चाकूबाजी हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। इनमें से दो व्यक्तियों को गंभीर चोटें आईं। इस घटना के बाद स्थानीय जनता में भारी आक्रोश था और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे थे। क्षेत्राधिकार का भ्रम फैलाना पड़ा भारी घटना की गंभीरता को समझने के बजाय थानाध्यक्ष ने गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाया। वारदात की सूचना मिलने के बाद भी थानाध्यक्ष दुखी कुमार महतो ने मामले को संभालने के बजाय क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा करने का प्रयास किया। वरिष्ठ अधिकारियों ने उनके इस कृत्य को घोर अनुशासनहीनता और अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने का परिचायक माना। एसएसपी ने की तत्काल निलंबन की अनुशंसा अपर पुलिस अधीक्षक (नगर-01) और नगर पुलिस अधीक्षक की संयुक्त रिपोर्ट के आधार पर थानाध्यक्ष को कर्तव्यहीनता, लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और अपराध नियंत्रण में पूरी तरह विफल रहने का दोषी पाया गया। इस गंभीर जांच रिपोर्ट को लेकर एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने निर्णय लेते हुए सिकंदरपुर थानाध्यक्ष को सस्पेंड कर दिया है। मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने सिकंदरपुर थानाध्यक्ष दुखी कुमार महतो को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई मरीन ड्राइव पर हुई चाकूबाजी की घटना और कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में की गई है। अपर पुलिस अधीक्षक (नगर-01) ने सिकंदरपुर थाना क्षेत्र की कार्यप्रणाली पर एक विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपी थी। इस रिपोर्ट में कहा गया कि थानाध्यक्ष अपराध नियंत्रण, खुफिया जानकारी जुटाने, प्रभावी गश्त और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल रहे। उनकी गंभीर लापरवाही के कारण थाना क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों में लगातार वृद्धि हो रही थी। महिलाओं से छेड़खानी की घटना आई सामने जांच रिपोर्ट में विशेष रूप से ‘मरीन ड्राइव’ क्षेत्र का उल्लेख किया गया है, जिसे अपराध के दृष्टिकोण से संवेदनशील माना जाता है। इस इलाके में हाल के दिनों में मोटरसाइकिल चोरी, चेन छिनतई, राहगीरों से मारपीट और महिलाओं से छेड़खानी जैसी गंभीर घटनाएं बढ़ी थीं। इसके बावजूद थानाध्यक्ष की ओर से पर्याप्त पुलिस बल तैनात नहीं किया गया और न ही प्रभावी गश्त सुनिश्चित की गई, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हुए। थानाध्यक्ष के निलंबन का तात्कालिक कारण 23 मई 2026 की रात मरीन ड्राइव पर हुई हिंसक झड़प बनी। इस घटना में दो गुटों के बीच मारपीट और चाकूबाजी हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। इनमें से दो व्यक्तियों को गंभीर चोटें आईं। इस घटना के बाद स्थानीय जनता में भारी आक्रोश था और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे थे। क्षेत्राधिकार का भ्रम फैलाना पड़ा भारी घटना की गंभीरता को समझने के बजाय थानाध्यक्ष ने गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाया। वारदात की सूचना मिलने के बाद भी थानाध्यक्ष दुखी कुमार महतो ने मामले को संभालने के बजाय क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा करने का प्रयास किया। वरिष्ठ अधिकारियों ने उनके इस कृत्य को घोर अनुशासनहीनता और अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने का परिचायक माना। एसएसपी ने की तत्काल निलंबन की अनुशंसा अपर पुलिस अधीक्षक (नगर-01) और नगर पुलिस अधीक्षक की संयुक्त रिपोर्ट के आधार पर थानाध्यक्ष को कर्तव्यहीनता, लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और अपराध नियंत्रण में पूरी तरह विफल रहने का दोषी पाया गया। इस गंभीर जांच रिपोर्ट को लेकर एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने निर्णय लेते हुए सिकंदरपुर थानाध्यक्ष को सस्पेंड कर दिया है।


