झुंझुनू नगर परिषद के आयुक्त (कमिश्नर) का पद अधिकारियों के लिए ‘फुटबॉल’ की तरह इस्तेमाल हो रहा है। स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक ने नगर परिषद आयुक्त देवीलाल बोचल्या को एपीओ कर दिया है। उनके स्थान पर फिलहाल एक्सईएन (XEN) रवींद्र कुमार मीणा को नगर परिषद का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। एपीओ किए गए बोचल्या को तत्काल जयपुर मुख्यालय रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। 194 दिन की ‘पारी’, जेएन भी नपे आयुक्त के रूप में देवीलाल बोचल्या का कार्यकाल मात्र 194 दिन का रहा। वह अपनी पारी के 200 दिन भी पूरे नहीं कर पाए। विभाग की गाज केवल आयुक्त पर ही नहीं गिरी है, बल्कि डीएलबी ने नगर परिषद के जेईएन (सिविल) अजय कुमार को भी तत्काल प्रभाव से एपीओ कर दिया है। 28 महीनों में 4 आयुक्त, 3 किए गए एपीओ झुंझुनू नगर परिषद में प्रशासनिक अस्थिरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 3 सालों में यहां 6 बार आयुक्त बदले जा चुके हैं। अनीता खीचड़: भाजपा सरकार बनने के बाद फरवरी 2024 में इन्हें कमान मिली। 8 महीने बाद अक्टूबर 2024 में तबादला कर दी गईं। मुकेश कुमार: इसके बाद आए मुकेश कुमार महज 3 महीने टिक पाए और जनवरी 2025 में उनका ट्रांसफर हो गया। दिलीप पूनिया: अगले 10 महीनों के लिए दिलीप पूनिया को कुर्सी मिली, लेकिन नवंबर 2025 में उन्हें भी एपीओ कर दिया गया। देवीलाल बोचल्या: 28 नवंबर 2025 को कार्यभार संभाला और महज 193-194 दिनों के भीतर इन्हें भी एपीओ कर दिया गया।


