अररिया जिले के निवासियों को लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मुक्तिधाम की सुविधा मिल गई है। नगर परिषद द्वारा संचालित यह मुक्तिधाम अब आम लोगों के लिए पूरी तरह से चालू कर दिया गया है। यहां सोमवार को खरैया बस्ती निवासी एक महिला का पहला औपचारिक अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। लंबे समय से अररिया में मुक्तिधाम की व्यवस्था ठप पड़ी थी, जिसके कारण शवों को अंतिम संस्कार के लिए दूसरे स्थानों पर ले जाना पड़ता था। इससे न केवल परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता था, बल्कि उन्हें भावनात्मक रूप से भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। नगर परिषद प्रशासन ने इस मामले का संज्ञान लिया
स्थानीय मीडिया में लगातार खबरों और जन दबाव के बाद नगर परिषद प्रशासन ने इस मामले का संज्ञान लिया। इसके परिणामस्वरूप, मुक्तिधाम में एक टेक्नीशियन की नियुक्ति की गई और शवदाह व्यवस्था को सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया। इस अवसर पर उपस्थित नगर परिषद के उप मुख्य पार्षद गौतम साह ने कहा, “मीडिया में खबर आने के बाद हमने तुरंत कार्रवाई की। टेक्नीशियन की नियुक्ति हो चुकी है और मुक्तिधाम अब पूरी तरह से चालू है। शवदाह व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। आज एक शव का अंतिम संस्कार हुआ है और शाम तक दूसरे शव के आने की सूचना है। हम हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराएंगे।” मुक्तिधाम चालू होने से स्थानीय लोगों को राहत
मुक्तिधाम के चालू होने से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। उन्होंने इस सुविधा को जन सरोकार से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। टेक्नीशियन की नियुक्ति के साथ अब विद्युत व्यवस्था, लकड़ी और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अब मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आसान हो गई है। उन्होंने नगर परिषद प्रशासन से अपील की है कि मुक्तिधाम की नियमित सफाई, रखरखाव और जल आपूर्ति जैसी अन्य सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाए ताकि भविष्य में कोई दिक्कत न आए। अररिया जिले के निवासियों को लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मुक्तिधाम की सुविधा मिल गई है। नगर परिषद द्वारा संचालित यह मुक्तिधाम अब आम लोगों के लिए पूरी तरह से चालू कर दिया गया है। यहां सोमवार को खरैया बस्ती निवासी एक महिला का पहला औपचारिक अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। लंबे समय से अररिया में मुक्तिधाम की व्यवस्था ठप पड़ी थी, जिसके कारण शवों को अंतिम संस्कार के लिए दूसरे स्थानों पर ले जाना पड़ता था। इससे न केवल परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता था, बल्कि उन्हें भावनात्मक रूप से भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। नगर परिषद प्रशासन ने इस मामले का संज्ञान लिया
स्थानीय मीडिया में लगातार खबरों और जन दबाव के बाद नगर परिषद प्रशासन ने इस मामले का संज्ञान लिया। इसके परिणामस्वरूप, मुक्तिधाम में एक टेक्नीशियन की नियुक्ति की गई और शवदाह व्यवस्था को सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया। इस अवसर पर उपस्थित नगर परिषद के उप मुख्य पार्षद गौतम साह ने कहा, “मीडिया में खबर आने के बाद हमने तुरंत कार्रवाई की। टेक्नीशियन की नियुक्ति हो चुकी है और मुक्तिधाम अब पूरी तरह से चालू है। शवदाह व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है। आज एक शव का अंतिम संस्कार हुआ है और शाम तक दूसरे शव के आने की सूचना है। हम हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराएंगे।” मुक्तिधाम चालू होने से स्थानीय लोगों को राहत
मुक्तिधाम के चालू होने से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। उन्होंने इस सुविधा को जन सरोकार से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। टेक्नीशियन की नियुक्ति के साथ अब विद्युत व्यवस्था, लकड़ी और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अब मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आसान हो गई है। उन्होंने नगर परिषद प्रशासन से अपील की है कि मुक्तिधाम की नियमित सफाई, रखरखाव और जल आपूर्ति जैसी अन्य सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जाए ताकि भविष्य में कोई दिक्कत न आए।


