गोरखपुर जिले की थाना कैंट पुलिस ने अंतरजनपदीय चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 7 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी का सामान, नकदी व घटना में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए हैं। यह कार्रवाई SSP डॉक्टर कौस्तुभ के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। SP सिटी निमिष पाटिल ने कहा कि पुलिस की ऐसे गैंगों कर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
7 लुटेरे गिरफ्तार, इन सामानों की हुई बरामदगी
पुलिस के अनुसार, थाना कैंट में दर्ज मुकदमा आख्या संख्या 180/2026 धारा 303(2) बीएनएस से संबंधित मामले में कार्रवाई करते हुए विवेक कुमार, ललितेश, नरेंद्र, अमन, अर्जुन, मुकेश कुमार और नीरज कुमार को गिरफ्तार किया गया। बरामदगी में 4000 रुपए नकद, एक साड़ी, 15 सेफ्टी पिन, 10 फोल्डिंग चाकू और 10 छोटी कैंची शामिल हैं। इसके आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) और 112 बीएनएस की धाराएं बढ़ाई गई हैं।
व्हाट्सएप कॉल पर गैंग लीडर देता था सदस्यों को निर्देश
गिरफ्तार किए गए शातिरों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग शहरों में जाकर होटलों में ठहरते थे। सुबह व्हाट्सएप कॉल के जरिए गैंग लीडर सभी को निर्देश देता था। इसके बाद बस स्टेशन या रेलवे स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पहुंचकर यात्रियों को निशाना बनाया जाता था। गिरोह के सदस्य मदद के बहाने यात्री के आसपास इकट्ठा होते और मौका पाकर बैग काटकर उसमें रखे जेवर, नकदी व अन्य कीमती सामान पार कर देते थे। वारदात के बाद सभी सदस्य अलग-अलग स्थानों पर उतरकर फरार हो जाते थे।
पुलिस ने केस दर्ज कर शुरू की जांच
17 अप्रैल 2026 को एक यात्री अपनी पत्नी के साथ गोरखपुर बस स्टेशन से फाजिलनगर जा रहा था। यात्रा के दौरान उसका ट्रॉली बैग बस में रखा था। गंतव्य पर पहुंचने के बाद जांच करने पर बैग से आभूषण, करीब 7 हजार रुपए नकद और एक साड़ी गायब मिली। पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी।
अंतरजनपदीय नेटवर्क, कई पर दर्ज हैं गंभीर मुकदमे
गिरफ्तार अभियुक्तों में से कुछ के खिलाफ विभिन्न जनपदों में पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। विशेष रूप से अर्जुन और मुकेश कुमार पर लूट, चोरी, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह ‘मुकेश गैंग’ और ‘बिच्छू गैंग’ के नाम से सक्रिय था। गैंग को शातिरों को गिरफ्तार करने में कैंट थाने के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस व सर्विलांस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


