गहलोद हाई लेवल ब्रिज पर आवाजाही शुरू:पुल टेस्टिंग में पास हुआ, XEN बोले- 5 स्तर पर हुई थी जांच

गहलोद हाई लेवल ब्रिज पर आवाजाही शुरू:पुल टेस्टिंग में पास हुआ, XEN बोले- 5 स्तर पर हुई थी जांच

टोंक के पास से गुजर रही बनास नदी पर राजस्थान के सबसे लंबे गहलोद हाई लेवल ब्रिज का लोड टेस्ट सफल रहने के बाद शनिवार सुबह 7 बजे जनता के लिए खोल दिया गया है। इसके बाद लोगों की आवाजाही शुरू हो गई है। इस पुल को बनाने में 135 करोड़ रुपए की लागत आई है। इस दौरान PWD के XEN नागेंद्र सिंह परिहार ने कहा- शनिवार सुबह 5 बजे तक पुल की लोड टेस्टिंग प्रक्रिया पूरी हो गई। अधिकतम पुल का डिफ्लेक्शन 92 प्रतिशत रिकवर रहा है। जबकि आवागमन के लिए डिफ्लेक्शन 85 प्रतिशत रिकवर की ही जरूरत थी। परिहार ने कहा- ब्रिज के लोड टेस्ट को पांच स्टेज पर जांचा गया, जिसमें पुल की भार क्षमता, संतुलन और मजबूती का टेस्ट किया गया। इस दौरान विभागीय और थर्ड पार्टी के तकनीशियन स्टाफ की ओर से लगातार मॉनिटरिंग की गई एवं सभी तकनीकी मानको का ध्यान रखा गया। लोड टेस्ट के सफल होने के बाद सुबह 7 बजे पुल से आवाजाही शुरू कर दिया गया है। इस XEN परिहार के अलावा PWD के JEN ताराचंद बैरवा समेत अन्य विभागीय आधिकारियों, कर्मचारी और कार्यकारी एजेंसी के इंजीनियर आदि मौजूद रहे। बतादें कि इसे लेकर पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट भी कह चुके है कि सरकार हमारी सरकार के समय बनाए गए पुल के उद्घाटन में जान-बूझकर लेट कर रही है। पुल का डिफ्लेक्शन 92 प्रतिशत रिकवर
26 मई दोपहर को आवाजाही बंद कर दी गई थी। दोपहर 1 बजे से दूसरे दिन 27 मई दोपहर 1 बजे तक तापमान में पुल का डिफ्लेक्शन की जांच की गई। उसके बाद दोपहर 1 बजे से 27-27 टन वजनी 9 डंपरों को एक-एक घंटे के गैप में पुल पर 24 घंटे तक खड़ा किया गया था। उसके बाद पुल का हर घंटे में डिप्लेक्शन जांचा गया। इन्हें भी 24 घंटे बाद 29 मई को सुबह 6 बजे तक हटा दिया गया था। इसके बाद शुक्रवार रात को ही पुल का डिफ्लेक्शन 92 प्रतिशत रिकवर हो गया। जबकि पुल पर आवागमन के लिए 85 प्रतिशत की ही जरूरत है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *