Modern India to Global India : भारत में डेनमार्क के पूर्व राजदूत फ्रेडी स्वेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लीडरशिप की जम कर सराहना की है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने न केवल भारत की घरेलू स्थिति को सुधारा है, बल्कि देश को आधुनिक भारत से वैश्विक भारत के रूप में पुनर्गठित किया है। स्वेन के अनुसार, विश्व मंच पर आज भारत की जो प्रतिष्ठा है, उसमें प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता का सबसे बड़ा हाथ है।
वैश्विक मंच पर भारत का बढ़ता दबदबा
फ्रेडी स्वेन ने कोपेनहेगन में मीडिया से बात करते हुए कहा कि पीएम मोदी की भूमिका को किसी भी स्तर पर कम कर के नहीं आंका जा सकता। उनके कार्यकाल में भारत एक क्षेत्रीय शक्ति से ऊपर उठ कर एक ‘ग्लोबल प्लेयर’ बन गया है। उन्होंने कहा कि मोदी ने दुनिया भर के नेताओं के साथ सीधे संबंध स्थापित किए और भारत को वैश्विक चर्चाओं के केंद्र में लाकर खड़ा कर दिया।
G20 और ग्लोबल साउथ की आवाज
पूर्व राजदूत ने भारत की G20 अध्यक्षता का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने विकासशील देशों (ग्लोबल साउथ) और यूरोप के बीच एक मजबूत सेतु का निर्माण किया है। यह न केवल कूटनीतिक जीत है, बल्कि यूरोप के लिए भी एक बड़ा अवसर है क्योंकि उन्हें अब अन्य महाद्वीपों के साथ जुड़ने के लिए भारत जैसा एक विश्वसनीय साथी मिल गया है।
डिजिटल इंडिया और आर्थिक छलांग
स्वेन ने कोविड-19 महामारी के दौरान भारत के लचीलेपन की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि ‘डिजिटल इंडिया’ जैसे कार्यक्रमों ने संकट के समय देश को टूटने से बचाया और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन में अहम भूमिका निभाई। आर्थिक मोर्चे पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि मोदी के सत्ता संभालने के समय भारत 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, जो आज 5वीं (और जल्द ही चौथी) बनने की राह पर है।
शांति का संदेश: ‘यह युद्ध का युग नहीं है’
रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच पीएम मोदी के स्टैंड पर स्वेन ने कहा कि मोदी का यह बयान कि “यह युद्ध का युग नहीं है”, वैश्विक शांति के प्रति भारत की स्पष्ट और स्वतंत्र विदेश नीति को दर्शाता है। यह दिखाता है कि भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता को बनाए रखते हुए मानवता के पक्ष में खड़ा है।
भारत-डेनमार्क ‘ग्रीन पार्टनरशिप’
स्वेन ने अपनी 2011 की यादें शेयर करते हुए बताया कि जब वे पहली बार मोदी से मिले थे (तब वे गुजरात के सीएम थे), तभी हरित भविष्य को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। आज भारत और डेनमार्क के बीच जो ‘ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ है, वह पीएम मोदी के निजी प्रयासों और विजन का ही परिणाम है।
दुनिया भारत को एक ‘ समस्या समाधान प्रदाता’ के रूप में देखती है
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि फ्रेडी स्वेन जैसे वरिष्ठ राजनयिक का यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्वीकार्यता पर मुहर लगाता है। यह दर्शाता है कि दुनिया अब भारत को केवल एक बाजार नहीं, बल्कि एक ‘समस्या समाधान प्रदाता’ के रूप में देखती है।
भारत और यूरोपीय संघ में समझौते को लेकर बातचीत तेज होने की उम्मीद
आने वाले महीनों में भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते को लेकर बातचीत और तेज होने की उम्मीद है। स्वेन के संकेतों से यह बात साफ है कि डेनमार्क जैसे यूरोपीय देश भारत के साथ आर्थिक और तकनीकी संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए आतुर हैं।
भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में चीन का विकल्प
बहरहाल, स्वेन का बयान उस समय आया है जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में चीन के विकल्प के रूप में उभर रहा है। उनकी ‘ग्रीन पार्टनरशिप’ की चर्चा यह बताती है कि भविष्य में निवेश का बड़ा हिस्सा रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में आने वाला है। ( इनपुट: ANI)


