अररिया के हिंगना औराही सिमराहा क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अग्नि संचेतना जागरूकता फैलाना और आग लगने की स्थिति में बचाव के प्रभावी तरीकों का प्रदर्शन करना था। कार्यक्रम में आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों की भारी भागीदारी देखने को मिली। स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। आग लगने पर पहले पांच मिनट खास मॉक ड्रिल के दौरान आग की काल्पनिक घटना को रचा गया, जिसमें आग बुझाने, लोगों को सुरक्षित निकालने और प्राथमिक उपचार के तरीकों का लाइव प्रदर्शन किया गया। उपस्थित अधिकारियों ने आग लगने पर पहले पांच मिनट की अहमियत पर जोर देते हुए बताया कि सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया से जान-माल के नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है। फायर एक्सटिंग्विशर का उपयोग बताया उन्होंने फायर एक्सटिंग्विशर के सही उपयोग, इमारतों में सुरक्षा उपकरणों की जांच और घर-परिवार में अग्नि सुरक्षा मानकों को अपनाने की जानकारी दी। साथ ही, आगजनी की घटनाओं से बचाव के लिए बिजली, गैस और रसायनों से संबंधित सावधानियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। ट्रैफिक डीएसपी फखरे आलम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अग्नि सुरक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि छोटी-छोटी लापरवाहियों से बचें, क्योंकि ये बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। पद्म पराग वेणू और जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने भी अपने अनुभव साझा किए तथा सुझाव दिए कि नियमित मॉक ड्रिल से समुदाय की तैयारियों को मजबूत किया जा सकता है। अन्य संबंधित पदाधिकारियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। मॉक ड्रिल के माध्यम से जागरूकता मैसेज इस अवसर पर उपस्थित सभी अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया। मॉक ड्रिल के माध्यम से न केवल जागरूकता बढ़ाई गई, बल्कि आपात स्थिति में समन्वय और त्वरित कार्रवाई की प्रक्रिया को भी मजबूत किया गया। अधिकारियों का मानना है कि ऐसे कार्यक्रमों से जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सकता है। अग्नि सुरक्षा सप्ताह के तहत जिले में चल रहे अन्य कार्यक्रमों की तरह यह मॉक ड्रिल भी स्थानीय स्तर पर सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण साबित हुई। अररिया के हिंगना औराही सिमराहा क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अग्नि संचेतना जागरूकता फैलाना और आग लगने की स्थिति में बचाव के प्रभावी तरीकों का प्रदर्शन करना था। कार्यक्रम में आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों की भारी भागीदारी देखने को मिली। स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। आग लगने पर पहले पांच मिनट खास मॉक ड्रिल के दौरान आग की काल्पनिक घटना को रचा गया, जिसमें आग बुझाने, लोगों को सुरक्षित निकालने और प्राथमिक उपचार के तरीकों का लाइव प्रदर्शन किया गया। उपस्थित अधिकारियों ने आग लगने पर पहले पांच मिनट की अहमियत पर जोर देते हुए बताया कि सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया से जान-माल के नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है। फायर एक्सटिंग्विशर का उपयोग बताया उन्होंने फायर एक्सटिंग्विशर के सही उपयोग, इमारतों में सुरक्षा उपकरणों की जांच और घर-परिवार में अग्नि सुरक्षा मानकों को अपनाने की जानकारी दी। साथ ही, आगजनी की घटनाओं से बचाव के लिए बिजली, गैस और रसायनों से संबंधित सावधानियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। ट्रैफिक डीएसपी फखरे आलम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अग्नि सुरक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि छोटी-छोटी लापरवाहियों से बचें, क्योंकि ये बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। पद्म पराग वेणू और जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने भी अपने अनुभव साझा किए तथा सुझाव दिए कि नियमित मॉक ड्रिल से समुदाय की तैयारियों को मजबूत किया जा सकता है। अन्य संबंधित पदाधिकारियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। मॉक ड्रिल के माध्यम से जागरूकता मैसेज इस अवसर पर उपस्थित सभी अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया। मॉक ड्रिल के माध्यम से न केवल जागरूकता बढ़ाई गई, बल्कि आपात स्थिति में समन्वय और त्वरित कार्रवाई की प्रक्रिया को भी मजबूत किया गया। अधिकारियों का मानना है कि ऐसे कार्यक्रमों से जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सकता है। अग्नि सुरक्षा सप्ताह के तहत जिले में चल रहे अन्य कार्यक्रमों की तरह यह मॉक ड्रिल भी स्थानीय स्तर पर सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण साबित हुई।


