शेखपुरा में अग्निशमन सेवा सप्ताह के तहत आग से बचाव के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत, बरबीघा प्रखंड के सर्वा और पिंजड़ी पंचायत के पंचायत सरकार भवनों और गांवों में ग्रामीणों के बीच जागरूकता कार्यक्रम और मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य लोगों को आग लगने की स्थिति में बचाव के तरीकों के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम के दौरान, अग्निशमन कर्मियों ने रसोई गैस से लगने वाली आग और अन्य प्रकार की आग पर काबू पाने के लिए मॉक ड्रिल का प्रदर्शन किया। उपस्थित लोगों को ज्वलन प्रदर्शन के माध्यम से आग बुझाने के विभिन्न तरीके भी दिखाए गए। इस कार्यक्रम में अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी सुधीर कुमार सिंह, सब अधिकारी सौरव कुमार, रामपाल कुमार, पप्पू कुमार और आशीष कुमार सहित कई अग्निशमन कर्मी शामिल थे। अग्निशमन केंद्र 24 घंटे अलर्ट अग्निशमन विभाग के सब अधिकारी सौरव कुमार ने बताया कि इन स्थानों पर ग्रामीणों के साथ आग से बचाव को लेकर बैठकें भी आयोजित की गईं। अग्निशमन अधिकारियों ने जानकारी दी कि गर्मी के मौसम में अग्निशमन केंद्र 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों को आग लगने की किसी भी घटना की सूचना तुरंत टोल फ्री नंबर 101 और 112 पर देने की सलाह दी। अधिकारियों ने ग्रामीणों को गैस, बिजली, पेट्रोलियम पदार्थ और घास-फूस से लगने वाली आग के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्हें विभिन्न प्रकार की आग से बचाव के लिए ‘क्या करें और क्या न करें’ के बारे में विस्तार से समझाया गया। यह भी बताया गया कि आग से बचाव और उसके फैलाव को रोकने से पहले अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। घरेलू गैस से आग लगने की स्थिति में भीगे कपड़े से गैस सिलेंडर को ढकने जैसे व्यावहारिक उपाय भी बताए गए। अग्निशमन विभाग ने आश्वस्त किया कि जिला में प्रशिक्षित मानव संसाधन और आग पर काबू पाने के लिए छोटे-बड़े वाहन उपलब्ध हैं, और वे लोगों की सेवा में सदैव तत्पर हैं।जबकि अन्य प्रकार के आग को पानी या बालू से काबू पाने के उपाय के बारे में बताया गया । शेखपुरा में अग्निशमन सेवा सप्ताह के तहत आग से बचाव के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत, बरबीघा प्रखंड के सर्वा और पिंजड़ी पंचायत के पंचायत सरकार भवनों और गांवों में ग्रामीणों के बीच जागरूकता कार्यक्रम और मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य लोगों को आग लगने की स्थिति में बचाव के तरीकों के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम के दौरान, अग्निशमन कर्मियों ने रसोई गैस से लगने वाली आग और अन्य प्रकार की आग पर काबू पाने के लिए मॉक ड्रिल का प्रदर्शन किया। उपस्थित लोगों को ज्वलन प्रदर्शन के माध्यम से आग बुझाने के विभिन्न तरीके भी दिखाए गए। इस कार्यक्रम में अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी सुधीर कुमार सिंह, सब अधिकारी सौरव कुमार, रामपाल कुमार, पप्पू कुमार और आशीष कुमार सहित कई अग्निशमन कर्मी शामिल थे। अग्निशमन केंद्र 24 घंटे अलर्ट अग्निशमन विभाग के सब अधिकारी सौरव कुमार ने बताया कि इन स्थानों पर ग्रामीणों के साथ आग से बचाव को लेकर बैठकें भी आयोजित की गईं। अग्निशमन अधिकारियों ने जानकारी दी कि गर्मी के मौसम में अग्निशमन केंद्र 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों को आग लगने की किसी भी घटना की सूचना तुरंत टोल फ्री नंबर 101 और 112 पर देने की सलाह दी। अधिकारियों ने ग्रामीणों को गैस, बिजली, पेट्रोलियम पदार्थ और घास-फूस से लगने वाली आग के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्हें विभिन्न प्रकार की आग से बचाव के लिए ‘क्या करें और क्या न करें’ के बारे में विस्तार से समझाया गया। यह भी बताया गया कि आग से बचाव और उसके फैलाव को रोकने से पहले अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। घरेलू गैस से आग लगने की स्थिति में भीगे कपड़े से गैस सिलेंडर को ढकने जैसे व्यावहारिक उपाय भी बताए गए। अग्निशमन विभाग ने आश्वस्त किया कि जिला में प्रशिक्षित मानव संसाधन और आग पर काबू पाने के लिए छोटे-बड़े वाहन उपलब्ध हैं, और वे लोगों की सेवा में सदैव तत्पर हैं।जबकि अन्य प्रकार के आग को पानी या बालू से काबू पाने के उपाय के बारे में बताया गया ।


